गोरखपुर
‘बहाने नहीं, परिणाम चाहिए’— उद्योग विभाग की समीक्षा बैठक में मंडलायुक्त का सख्त संदेश
अनिल ढींगरा बोले— योजनाओं का लाभ अंतिम पात्र तक पहुंचे, लापरवाही पर होगी कार्रवाई
रोजगार सृजन और औद्योगिक विकास को गति देने के लिए समयबद्ध कार्य संस्कृति अपनाने के निर्देश
गोरखपुर। मंडलायुक्त अनिल ढींगरा ने उद्योग विभाग की समीक्षा बैठक में अधिकारियों को स्पष्ट संदेश देते हुए कहा कि शासन की योजनाएं केवल कागजों तक सीमित नहीं रहनी चाहिए, बल्कि उनका लाभ अंतिम पात्र व्यक्ति तक समयबद्ध तरीके से पहुंचना चाहिए। उन्होंने अधिकारियों को जवाबदेही, पारदर्शिता और परिणाम आधारित कार्य संस्कृति अपनाने के निर्देश दिए।
समीक्षा बैठक में मंडलायुक्त ने कहा कि प्रत्येक अधिकारी अपने दायित्व को केवल सरकारी कार्य न समझे, बल्कि प्रदेश के विकास और युवाओं के उज्ज्वल भविष्य से जुड़े मिशन के रूप में कार्य करे। उन्होंने कहा कि उद्योगों का विकास केवल निवेश बढ़ाने तक सीमित नहीं है, बल्कि इससे रोजगार के नए अवसर पैदा होते हैं और क्षेत्रीय अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलती है।
उन्होंने अधिकारियों को चेतावनी देते हुए कहा, “निर्धारित लक्ष्य हर हाल में समय सीमा के भीतर पूरे होने चाहिए। बहाने नहीं, परिणाम चाहिए। जिन अधिकारियों की प्रगति संतोषजनक नहीं मिलेगी और जो लक्ष्य प्राप्त करने में लापरवाही बरतेंगे, उनके विरुद्ध नियमानुसार कठोर कार्रवाई की जाएगी।”
मंडलायुक्त ने अधिकारियों से टीम भावना के साथ कार्य करने, लंबित मामलों का शीघ्र निस्तारण करने तथा शासन की जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ बिना किसी विलंब के पात्र लाभार्थियों तक पहुंचाने के निर्देश दिए।
बैठक के अंत में उन्होंने कहा कि “जनता का विश्वास हमारी सबसे बड़ी पूंजी है। यदि हम ईमानदारी, संवेदनशीलता और प्रतिबद्धता के साथ कार्य करेंगे तो गोरखपुर मंडल औद्योगिक विकास और रोजगार सृजन के क्षेत्र में नई पहचान स्थापित करेगा।”
उन्होंने अधिकारियों को नियमित समीक्षा, प्रभावी मॉनिटरिंग और गुणवत्तापूर्ण कार्य के माध्यम से शासन की अपेक्षाओं पर खरा उतरने का निर्देश दिया।
