पूर्वांचल
बिना काम कराए निकाला गया सरकारी धन, सांथा ब्लॉक में सचिव पर भ्रष्टाचार के आरोप
संतकबीरनगर। जिले के सांथा ब्लॉक से सरकारी योजनाओं में बड़े पैमाने पर अनियमितता और भ्रष्टाचार का मामला सामने आया है। ग्राम पंचायत मेहदूपार में तैनात तत्कालीन सचिव राकेश कुमार पर बिना कार्य कराए ही सरकारी धन का भुगतान कराने के गंभीर आरोप लगे हैं। मामले ने पूरे क्षेत्र में हलचल मचा दी है।
आरोप है कि ग्राम पंचायत मेहदूपार में नाली निर्माण एवं खड़ंजा निर्माण कार्य का धरातल पर कोई अस्तित्व नहीं है, बावजूद इसके दिनांक 15 अप्रैल 2026 को पांचवें वित्त आयोग मद से 25 हजार रुपये का रनिंग भुगतान कर दिया गया। सबसे हैरानी की बात यह है कि भुगतान से पहले न तो किसी प्रकार का कार्य पूरा हुआ और न ही उसका विधिवत मूल्यांकन कराया गया।
ग्राम पंचायत के प्रधान प्रतिनिधि ने भी स्वीकार किया है कि जिस परियोजना के नाम पर भुगतान दिखाया गया, उस पर वास्तविक रूप से कोई कार्य नहीं कराया गया था। इससे पूरे मामले में सरकारी धन के दुरुपयोग की आशंका और गहरी हो गई है।
सूत्रों के अनुसार तत्कालीन सचिव राकेश कुमार ने मनरेगा योजना में भी बड़ा खेल किया। आरोप है कि दूसरे ग्राम पंचायत अतरीनानकार में नहर की पटरी पर कराए गए इंटरलॉकिंग सड़क निर्माण कार्य को ग्राम पंचायत मेहदूपार में दर्शाकर मजदूरी भुगतान करा दिया गया। यदि जांच में यह आरोप सही पाए जाते हैं तो यह योजनाओं में फर्जीवाड़े और सरकारी खजाने को नुकसान पहुंचाने का गंभीर मामला साबित हो सकता है।
ग्रामीणों का कहना है कि बिना कार्य हुए भुगतान संभव नहीं है, इसलिए इस पूरे मामले में विकास भवन के कुछ अधिकारियों की भूमिका भी संदेह के घेरे में है। अब क्षेत्रीय जनता और ग्रामीण उच्चस्तरीय निष्पक्ष जांच कर दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग कर रहे हैं।
सरकारी योजनाओं में पारदर्शिता और विकास के दावों के बीच सामने आया यह मामला प्रशासनिक व्यवस्था पर कई बड़े सवाल खड़े कर रहा है।
