Connect with us

सियासत

एमके स्टालिन से मुलाकात पर रजनीकांत ने दी सफाई, विजय से जलन के आरोपों पर तोड़ी चुप्पी

Published

on

Loading...
Loading...

नई दिल्ली। दिग्गज अभिनेता रजनीकांत ने रविवार को चेन्नई के पोइस गार्डन स्थित अपने आवास पर आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में अपनी राजनीतिक स्थिति को लेकर चल रही चर्चाओं पर खुलकर प्रतिक्रिया दी। तमिलनाडु चुनाव परिणामों के बाद एमके स्टालिन से उनकी मुलाकात को लेकर उठ रहे सवालों और आलोचनाओं के बीच उन्होंने अपनी बात स्पष्ट की।

प्रेस वार्ता के दौरान रजनीकांत ने कहा कि जब उन्होंने पहली बार विजय के मुख्यमंत्री बनने की खबर सुनी, तो वह बेहद हैरान रह गए थे। उन्होंने दोहराया कि वह अब सक्रिय राजनीति का हिस्सा नहीं हैं और काफी समय पहले राजनीति से दूरी बना चुके हैं। विजय और उनके बीच 28 साल का उम्र का अंतर है। इसके बावजूद विजय ने तमिलनाडु की दो बड़ी राजनीतिक पार्टियों के खिलाफ अपनी अलग पहचान बनाते हुए चुनाव में जीत हासिल की है।

प्रेस वार्ता के दौरान रजनीकांत

आलोचनाओं को लेकर रजनीकांत ने कहा कि उन्हें यह प्रेस कॉन्फ्रेंस इसलिए करनी पड़ी क्योंकि उनके राजनीतिक रुख और एमके स्टालिन से मुलाकात को लेकर लगातार तरह-तरह की बातें कही जा रही थीं। अगर वह चुप रहते, तो लोग उन बातों को ही सच मान लेते।चुनाव को लेकर उनके बारे में कई तरह की आलोचनाएं की जा रही हैं और यदि वह इन पर जवाब नहीं देते, तो लोगों के बीच गलत संदेश चला जाता।

एमके स्टालिन के साथ अपनी मुलाकात पर सफाई देते हुए रजनीकांत ने कहा कि उनकी दोस्ती राजनीति से कहीं ऊपर है। उन्होंने कहा कि उन्हें इस बात का दुख था कि एमके स्टालिन को कोलाथुर सीट से हार का सामना करना पड़ा। रजनीकांत ने कहा कि वह इतने निम्न स्तर के व्यक्ति नहीं हैं कि किसी के बारे में अनावश्यक या घटिया टिप्पणी करें।

Advertisement

विजय के मुख्यमंत्री बनने के बाद अपनी प्रतिक्रिया को लेकर हो रही आलोचनाओं पर भी रजनीकांत ने जवाब दिया। एयरपोर्ट पर विजय को बधाई न देने की बातों को खारिज करते हुए उन्होंने कहा कि विजय की जीत के तुरंत बाद उन्होंने एक्स पर उन्हें शुभकामनाएं दे दी थीं।

रजनीकांत ने कहा कि ऐसा कहा गया कि उन्होंने एयरपोर्ट पर विजय को बधाई नहीं दी, जबकि उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पहले ही उन्हें बधाई संदेश पोस्ट कर दिया था। उन्होंने दोहराया कि वह राजनीति में नहीं हैं और पहले ही राजनीति छोड़ चुके हैं। जब वह राजनीति के मैदान में ही नहीं हैं, तो उन्हें विजय से जलन होने का सवाल ही नहीं उठता। जो किसी के भाग्य में लिखा होता है, वही होता है और जो नहीं लिखा होता, वह कभी नहीं होता।

Copyright © 2024 Jaidesh News. Created By Hoodaa

You cannot copy content of this page