वाराणसी
लू से जनजीवन प्रभावित, मौसम विभाग ने लोगों को किया सतर्क
वाराणसी। काशी सहित पूर्वांचल में भीषण गर्मी और लू का असर लगातार बढ़ता जा रहा है। मौसम विभाग की ओर से जारी ऑरेंज और येलो अलर्ट के बीच तापमान सामान्य से ऊपर बना हुआ है। वहीं, मानसून की गतिविधियां भी तेज हो चुकी हैं और इसके श्रीलंका पहुंचने की जानकारी सामने आई है।
पूर्वांचल सहित वाराणसी में तेज गर्मी और बढ़ता तापमान लोगों को परेशान कर रहा है। अनुमान है कि आने वाले सप्ताह में भी मौसम का यही मिजाज बना रहेगा। मौसम विभाग की रिपोर्ट के अनुसार वातावरण में हीट वेव सक्रिय बनी हुई है, जिसके चलते ऑरेंज और येलो अलर्ट जारी किया गया है। माना जा रहा है कि अगले कुछ दिनों तक लू का प्रकोप और अधिक बढ़ सकता है। दूसरी ओर हिंद महासागर क्षेत्र में मानसूनी परिस्थितियां लगातार मजबूत हो रही हैं और मानसून श्रीलंका तक पहुंच चुका है।
मौसम विभाग के अनुसार यूपी में मानसून करीब 20 जून के आसपास सोनभद्र के रास्ते प्रवेश करेगा, जिसके बाद पूर्वांचल में मानसूनी बारिश शुरू होने की संभावना है। इसके साथ ही प्रदेश में मानसूनी गतिविधियां सक्रिय हो जाएंगी। हालांकि इससे पहले प्री-मानसूनी परिस्थितियों के कारण पूर्वांचल में बारिश हो सकती है। मौसम विशेषज्ञों का कहना है कि लोकल हीटिंग की वजह से आने वाले दिनों में मौसम में बदलाव देखने को मिलेगा। आंधी और बारिश के साथ लोगों को गर्मी से कुछ राहत मिलने की उम्मीद है।
रविवार सुबह वातावरण में नमी का स्तर कम रहा और सुबह 10 बजे के बाद से गर्म हवाओं का असर महसूस होने लगा। दिन बढ़ने के साथ नमी और घट गई, जिससे लू का प्रभाव भी बना रहा। फिलहाल आने वाले दिनों में मौसम में ज्यादा बदलाव की संभावना नहीं जताई गई है। नौतपा तक तापमान में और बढ़ोतरी का अनुमान लगाया जा रहा है। मौसम विभाग का मानना है कि दो सप्ताह बाद जब प्री-मानसूनी परिस्थितियां पूरी तरह प्रभावी होंगी, तब मौसम में सुधार देखने को मिलेगा।
बीते 24 घंटों के दौरान अधिकतम तापमान 41.3 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जो सामान्य से 0.5 डिग्री अधिक रहा। वहीं न्यूनतम तापमान 26.2 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया, जो सामान्य स्तर पर रहा। आर्द्रता का न्यूनतम स्तर 25 प्रतिशत और अधिकतम 42 प्रतिशत दर्ज हुआ। मौसम विभाग ने ऑरेंज अलर्ट जारी करते हुए अगले कुछ दिनों तक तेज गर्मी बने रहने की संभावना जताई है। हीट वेव के कारण मौसम में बदलाव का क्रम जारी रहने का अनुमान है, जबकि प्री-मानसूनी गतिविधियां जून के पहले सप्ताह से प्रभावी हो सकती हैं।
