चन्दौली
अघोषित कटौती से नाराज ग्रामीणों ने बबुरी विद्युत उपकेंद्र पर जड़ा ताला
अधिकारियों के आश्वासन पर खत्म हुआ धरना
बबुरी (चंदौली)। भीषण गर्मी और लगातार हो रही अघोषित बिजली कटौती के विरोध में गुरुवार की देर रात ग्रामीणों का गुस्सा फूट पड़ा। सैकड़ों ग्रामीण बबुरी विद्युत उपकेंद्र पहुंच गए और बिजली विभाग के खिलाफ नारेबाजी करते हुए धरने पर बैठ गए। प्रदर्शनकारियों ने पावर हाउस के मुख्य द्वार पर ताला बंद कर रात में निर्बाध बिजली आपूर्ति की मांग उठाई।ग्रामीणों का कहना था कि क्षेत्र में रात के समय मुश्किल से तीस से चालीस मिनट बिजली मिल रही है, जबकि बाकी समय कटौती की जा रही है। उमस भरी गर्मी के कारण लोग पूरी रात परेशान हो रहे हैं। ग्रामीणों ने चेतावनी दी कि यदि रात में नियमित बिजली आपूर्ति नहीं दी गई तो आंदोलन और तेज किया जाएगा।
धरने का नेतृत्व कर रहे श्रीप्रकाश और महेंद्र सेठ अपने समर्थकों के साथ पूरी रात पावर हाउस परिसर में डटे रहे। शुक्रवार सुबह आसपास के गांवों से भी बड़ी संख्या में लोग मौके पर पहुंच गए, जिससे स्थिति तनावपूर्ण हो गई।
सूचना पर अवर अभियंता प्रदीप यादव, उपखंड अधिकारी अमर सिंह पटेल, अधिशासी अभियंता आशीष कुमार सिंह तथा अधीक्षण अभियंता जसबीर सिंह मौके पर पहुंचे। ग्रामीणों ने अधिकारियों को घेरकर बिजली संकट और विभागीय कार्यप्रणाली को लेकर नाराजगी जताई।इस दौरान पूर्व भाजपा जिलाध्यक्ष राणा प्रताप सिंह ने अधीक्षण अभियंता जसबीर सिंह से शिकायत करते हुए आरोप लगाया कि क्षेत्र में तैनात जेई भ्रष्टाचार में लिप्त है और एजेंटों के माध्यम से लोगों से अवैध वसूली करवा रहा है।
उन्होंने मामले की जांच कर कार्रवाई की मांग की।ग्रामीणों ने अधिकारियों से कहा कि जब बबुरी पावर हाउस पर पर्याप्त बिजली उपलब्ध है और निर्माणाधीन अपोलो फैक्ट्री को बिना कटौती आपूर्ति दी जा रही है, तो आम उपभोक्ताओं को पर्याप्त बिजली क्यों नहीं मिल रही। उन्होंने मांग की कि दिन में कटौती कर ली जाए, लेकिन रात में निर्बाध बिजली दी जाए।काफी देर तक चली वार्ता के बाद अधिकारियों ने उच्चाधिकारियों को ग्रामीणों की समस्याओं से अवगत कराया। रात्रिकालीन बिजली आपूर्ति व्यवस्था में सुधार के आश्वासन के बाद ग्रामीणों ने धरना समाप्त कर दिया।प्रदर्शन में , संतोष गुप्ता, राजकुमार तिवारी, योगेंद्र सिंह, नितिन जायसवाल सहित बड़ी संख्या में ग्रामीण मौजूद रहे।
