वाराणसी
शादी अनुदान योजना के आवेदन शुरू, जानें पात्रता और प्रक्रिया
वाराणसी। समाज कल्याण विभाग द्वारा संचालित ऑनलाइन शादी अनुदान योजना का दोबारा शुभारंभ किया गया है। योजना का उद्देश्य अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति और सामान्य वर्ग के गरीब परिवारों की पुत्रियों को विवाह के लिए आर्थिक सहायता उपलब्ध कराना है। इसके तहत प्रत्येक लाभार्थी को 20,000 रुपये की अनुदान राशि प्रदान की जाएगी।
जिला समाज कल्याण अधिकारी गिरीश चंद दूबे ने बताया कि इच्छुक आवेदक ऑनलाइन आवेदन के लिए शादी अनुदान की वेबसाइट https://shadianudan.upsdc.gov.in पर जा सकते हैं। आवेदन किसी भी सहज जनसेवा केंद्र के माध्यम से भरा जा सकता है। आवेदन पत्र की हार्डकॉपी आवश्यक संलग्नकों के साथ ग्रामीण क्षेत्र में संबंधित खंड विकास अधिकारी तथा नगरीय क्षेत्र में संबंधित तहसील में जमा करनी होगी।
उन्होंने बताया कि आवेदन शादी की तिथि से 90 दिन पहले या 90 दिन बाद तक किया जा सकता है। यह अवधि वित्तीय वर्ष 01 अप्रैल से 31 मार्च के बीच मान्य होगी। आवेदक की आय तहसील द्वारा जारी गरीबी सीमा के अंतर्गत होनी चाहिए। शहरी क्षेत्र के लिए वार्षिक आय 56,460 रुपये और ग्रामीण क्षेत्र के लिए 46,080 रुपये से अधिक नहीं होनी चाहिए। अनुसूचित जाति और अनुसूचित जनजाति वर्ग के आवेदकों के लिए जाति प्रमाण पत्र अनिवार्य रहेगा।

योजना का लाभ लेने के लिए विवाह की तिथि पर पुत्री की आयु 18 वर्ष तथा वर की आयु 21 वर्ष से अधिक होना आवश्यक है। विधवा और दिव्यांग आवेदकों को प्राथमिकता दी जाएगी। एक परिवार की अधिकतम दो पुत्रियों की शादी के लिए अनुदान स्वीकृत किया जाएगा।
आवेदन पत्रों का चयन प्रथम आवत-प्रथम पावत के आधार पर किया जाएगा। बजट सीमा तक प्राप्त आवेदनों पर नियमानुसार निर्धारित अनुदान राशि का भुगतान किया जाएगा।
इस योजना का उद्देश्य गरीब परिवारों की बेटियों की शादी में आर्थिक सहयोग प्रदान करना है, ताकि उन्हें बेहतर जीवन की दिशा में आगे बढ़ने में मदद मिल सके। समाज कल्याण विभाग ने इस योजना के माध्यम से समाज के कमजोर वर्गों को सशक्त बनाने का प्रयास किया है।
विभाग की ओर से सभी पात्र आवेदकों से समय रहते आवेदन करने और योजना का लाभ उठाने की अपील की गई है। विभाग के अनुसार यह योजना समाज में सकारात्मक परिवर्तन लाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल है।
योजना के माध्यम से न केवल बेटियों की शादी में आर्थिक सहायता मिलेगी, बल्कि समाज में समानता और न्याय की भावना को भी बढ़ावा मिलेगा। पात्र लोगों को इस योजना का लाभ लेने के लिए प्रेरित किया गया है, ताकि वे अपने परिवारों के लिए बेहतर भविष्य सुनिश्चित कर सकें।
