भदोही
तालाब और नाले पर अतिक्रमण से जलभराव, डीएम से लगाई गुहार
शिकायत पर एसडीएम ने मौके पर पहुंचकर कराया सीमांकन, नगर पालिका को अतिक्रमण हटाने के निर्देश
30 फीट चौड़े नाले के पाटे जाने से बिगड़ी जल निकासी व्यवस्था, लोगों के घरों में घुस रहा गंदा पानी
गोपीगंज (भदोही)। गोपीगंज नगर के वार्ड संख्या पांच भगवतपुर में सैकड़ों वर्ष पुराने तालाब और नाले पर अवैध अतिक्रमण का मामला सामने आया है। तालाब की भूमि पर प्लाटिंग किए जाने और करीब 30 फीट चौड़े नाले को पाटे जाने से नगर में जलभराव की समस्या उत्पन्न हो गई है।
उत्तर प्रदेश उद्योग व्यापार प्रतिनिधि मंडल गोपीगंज के नगर अध्यक्ष श्रीकांत जायसवाल ने जिलाधिकारी शैलेष कुमार को पत्र देकर मामले की शिकायत की थी। उन्होंने तालाब और नाले पर किए जा रहे अतिक्रमण की जांच कराकर उसे हटवाने तथा जल निकासी व्यवस्था सुचारू कराने की मांग की थी।
शिकायत में बताया गया कि उक्त नाले से गोपीगंज नगर के पांच मोहल्लों का गंदा पानी तालाब में पहुंचता है। नाला बंद होने के कारण नगर के आधे हिस्से में जल निकासी बाधित हो गई है। इससे लोगों के घरों में गंदा पानी भरने लगा है और सड़कों पर नालियों का पानी बह रहा है। इससे संक्रामक बीमारियों के फैलने का खतरा भी बढ़ गया है।
विरोध के बाद रुका प्लाटिंग का कार्य
स्थानीय वार्डवासियों के विरोध के बाद फिलहाल तालाब की भूमि पर चल रहा प्लाटिंग कार्य रोक दिया गया है। शिकायतकर्ता ने जिलाधिकारी से मौके का निरीक्षण कराकर अतिक्रमण हटाने और जल निकासी व्यवस्था बहाल कराने की मांग की थी।
जलभराव की समस्या को गंभीरता से लेते हुए जिलाधिकारी शैलेष कुमार ने तत्काल उप जिलाधिकारी सदर को कार्रवाई के निर्देश दिए।
एसडीएम ने कराया सीमांकन
जिलाधिकारी के निर्देश पर उप जिलाधिकारी सदर भान सिंह राजस्व टीम के साथ मौके पर पहुंचे और तालाब व नाले की भूमि की नाप-जोख कराकर सीमांकन कराया। सीमांकन के बाद भूमि को नगर पालिका के सुपुर्द करते हुए अधिशासी अधिकारी बीना सिंह को तत्काल अतिक्रमण हटवाने के निर्देश दिए गए हैं।
प्रशासन के इस कदम से स्थानीय लोगों को जलभराव की समस्या से निजात मिलने की उम्मीद जगी है। अधिकारियों ने जल्द ही नाले की सफाई और जल निकासी व्यवस्था को दुरुस्त कराने की बात कही है।
