वाराणसी
जलभराव से निपटने को नगर निगम खरीदेगा नई सुपर साकर मशीन
वाराणसी। बरसात के मौसम में शहर में जलभराव की समस्या से निपटने के लिए नगर निगम ने तैयारियां तेज कर दी हैं। इसी क्रम में नगर निगम एक और सुपर साकर मशीन खरीदने जा रहा है, जिसके लिए टेंडर प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। इस मशीन की अनुमानित कीमत करीब ढाई करोड़ रुपये बताई जा रही है। निगम प्रशासन ने 15 जून तक शहर के सभी छोटे-बड़े नालों और सीवर लाइनों की शत-प्रतिशत सफाई का लक्ष्य निर्धारित किया है, ताकि गर्मी में पेयजल व्यवस्था सुचारु रखने के साथ आगामी मानसून में जलजमाव की समस्या से राहत दिलाई जा सके।
नगर निगम द्वारा इस अभियान को गति देने के लिए नई मशीन की खरीद की जा रही है। इससे पहले वर्ष 2024 में भी एक सुपर साकर मशीन खरीदी जा चुकी है। महापौर अशोक तिवारी ने बताया कि वाराणसी में बरसात के दौरान जलभराव की मुख्य वजह सीवर ओवरफ्लो और नालों का जाम होना है। इसे ध्यान में रखते हुए 15 जून तक सभी नालों और नालियों की सफाई का लक्ष्य तय किया गया है और एक अतिरिक्त सुपर साकर मशीन खरीदने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है।
बेहतर प्रबंधन के लिए नगर निगम ने नालों को ए, बी और सी तीन श्रेणियों में विभाजित किया है। ‘ए’ श्रेणी के नालों की सफाई फांसी मशीन से कराई जाएगी, जबकि अस्सी, सुंदरपुर और साकेत नगर जैसे इलाकों में विशेष मशीनों का इस्तेमाल होगा। बड़े नालों की सफाई की जिम्मेदारी सामान्य अभियंत्रण विभाग को सौंपी गई है, जिसे मई के अंत तक कार्य पूरा करने का लक्ष्य दिया गया है।
महापौर अशोक तिवारी ने बताया कि नालों के साथ-साथ सीवर लाइनों की सफाई भी जेटिंग मशीन से बरसात से पहले कराई जाएगी। नालों से गाद निकालने की निगरानी की जिम्मेदारी जोनल अधिकारियों को सौंपी गई है। गोदौलिया, सिगरा, पांडेयपुर और रविंद्रपुरी जैसे संवेदनशील क्षेत्रों पर विशेष नजर रखी जा रही है, ताकि मानसून के दौरान नागरिकों को जलभराव की समस्या से राहत मिल सके।
इसके अतिरिक्त जलभराव की आशंका को देखते हुए महापौर ने सड़कों के किनारे स्थित नालियों को तत्काल अतिक्रमण मुक्त कराने के निर्देश दिए हैं। पक्के महाल स्थित शाही नाला (आरटीएस) की विशेष सफाई के भी आदेश दिए गए हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि सीवर और नालों की सफाई में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
