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वाराणसी

वाराणसी में सीएम योगी ने महाकुंभ की व्यवस्थाओं का लिया जायजा, श्रद्धालुओं से किया संवाद

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“सोनभद्र में स्विट्जरलैंड बनने की क्षमता” : सीएम योगी

उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ दो दिवसीय दौरे पर वाराणसी पहुंचे। गुरुवार शाम करीब साढ़े 4 बजे पहुंचे सीएम योगी ने वाराणसी में महाकुंभ से लौटने वाले श्रद्धालुओं का हाल जाना। कैंट रेलवे स्टेशन पर उन्होंने यात्रियों से बातचीत की। एक बच्चे को चॉकलेट देते हुए पूछा, “डुबकी लगाई? कैसा लगा?” वहीं एक बुजुर्ग महिला से कुंभ स्नान और व्यवस्था के बारे में जानकारी ली।

कालभैरव और काशी विश्वनाथ मंदिर में पूजा

सीएम योगी ने वाराणसी पहुंचने के बाद कालभैरव मंदिर और काशी विश्वनाथ मंदिर में विधिवत दर्शन-पूजन किया। उन्होंने कहा कि महाकुंभ के दौरान आने वाले श्रद्धालुओं को किसी प्रकार की परेशानी न हो, इसके लिए विशेष व्यवस्था सुनिश्चित की जाए। योगी ने मंदिर न्यास के अधिकारियों से संवाद करते हुए व्यवस्था की समीक्षा की।

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रेलवे स्टेशन का निरीक्षण और श्रद्धालुओं से संवाद

योगी ने सर्किट हाउस में अधिकारियों के साथ बैठक की, जिसमें कानून-व्यवस्था और विकास कार्यों की समीक्षा की गई। इसके बाद उन्होंने कैंट रेलवे स्टेशन का निरीक्षण किया। वहां उन्होंने श्रद्धालुओं से बातचीत करते हुए महाकुंभ की व्यवस्थाओं की जानकारी ली।

सोनभद्र: उत्तर प्रदेश का स्विट्जरलैंड

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वाराणसी दौरे से पहले सीएम योगी ने सोनभद्र में विधायक खेल महाकुंभ के समापन समारोह में हिस्सा लिया। उन्होंने कहा, “सोनभद्र उत्तर प्रदेश की ऊर्जा की राजधानी है और यहां स्विट्जरलैंड बनने की क्षमता है। यह क्षेत्र प्राकृतिक और सांस्कृतिक संपदाओं से भरा हुआ है।”

खेल और रोजगार पर विशेष जोर

योगी ने कहा कि राज्य सरकार खिलाड़ियों को प्रोत्साहित कर रही है। अब तक 500 से अधिक खिलाड़ियों को पुलिस सेवा में नौकरी दी गई है। मेरठ में मेजर ध्यानचंद के नाम पर स्टेडियम का निर्माण किया जा रहा है। इसके अलावा, सोनभद्र के 40 लोगों को रोजगार देने की योजना पर काम हो रहा है।

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महाकुंभ की सफलता पर जोर

सीएम योगी ने कहा कि प्रयागराज में तीन दिनों में 6 करोड़ श्रद्धालु पहुंचे। यह सरकार की बेहतर योजनाओं और व्यवस्थाओं का नतीजा है। योगी ने हर घर नल योजना के जरिए लोगों के सपने पूरे करने की बात कही। उन्होंने स्व-सहायता समूहों की तारीफ की, जो बकरी के दूध से साबुन बनाने जैसे रचनात्मक कार्य कर रहे हैं।

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