वाराणसी
ट्रॉमा सेंटर के मुख्य द्वार पर जलजमाव से बढ़ी परेशानी
वाराणसी। काशी हिन्दू विश्वविद्यालय स्थित ट्रॉमा सेंटर के मुख्य द्वार पर जलजमाव की समस्या एक बार फिर लोगों के लिए मुसीबत बन गई है। हल्की बारिश या फुहार पड़ते ही अस्पताल के प्रवेश मार्ग पर पानी भर जा रहा है, जिससे मरीजों, तीमारदारों और राहगीरों को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। स्थानीय नागरिकों और मरीजों के परिजनों का कहना है कि यह समस्या वर्षों पुरानी है, लेकिन अब तक इसका स्थायी समाधान नहीं हो सका है।

जानकारी के अनुसार वर्ष 2014 में ट्रॉमा सेंटर के उद्घाटन के बाद से ही मुख्य द्वार के सामने समुचित जल निकासी व्यवस्था नहीं बन पाई। पूर्वांचल के कई जिलों के अलावा बिहार और झारखंड से प्रतिदिन बड़ी संख्या में मरीज इलाज के लिए यहां पहुंचते हैं, लेकिन अस्पताल के बाहर ही उन्हें जलभराव, कीचड़ और टूटी सड़कों जैसी समस्याओं से जूझना पड़ता है।
स्थानीय लोगों का कहना है कि सड़क पर बने गड्ढे बारिश के पानी में दिखाई नहीं देते, जिसके कारण बाइक सवार और ई-रिक्शा चालक आए दिन दुर्घटना का शिकार हो रहे हैं। कई बार मरीजों को लेकर आने वाले वाहन भी पानी में फंस जाते हैं, जिससे गंभीर मरीजों को समय पर उपचार मिलने में देरी हो जाती है।

लोगों का कहना है कि इलाज के लिए आने वाले मरीज और उनके परिजन पहले से ही मानसिक और शारीरिक परेशानी में रहते हैं, ऐसे में ट्रॉमा सेंटर के बाहर की बदहाल व्यवस्था उनकी मुश्किलें और बढ़ा रही है।
क्षेत्रीय नागरिकों ने कहा कि प्रधानमंत्री Narendra Modi द्वारा वाराणसी को कई विकास परियोजनाओं की सौगात दी गई है, लेकिन शहर के प्रमुख चिकित्सा संस्थानों में शामिल ट्रॉमा सेंटर के मुख्य द्वार पर आज तक स्थायी जल निकासी व्यवस्था नहीं हो पाना प्रशासनिक लापरवाही को दर्शाता है। लोगों ने इसे दुर्भाग्यपूर्ण स्थिति बताया है।
मरीजों और स्थानीय लोगों ने प्रशासन, नगर निगम और संबंधित विभागों से मांग की है कि ट्रॉमा सेंटर के मुख्य द्वार पर स्थायी जल निकासी व्यवस्था जल्द सुनिश्चित की जाए। साथ ही सड़क की मरम्मत, गड्ढों को भरने और नियमित सफाई व्यवस्था कराने की भी मांग उठाई गई है, ताकि मरीजों और आम लोगों को राहत मिल सके।
स्थानीय नागरिकों का कहना है कि यदि समय रहते समस्या का समाधान नहीं किया गया तो बरसात के मौसम में स्थिति और गंभीर हो सकती है तथा किसी बड़े हादसे की आशंका से इनकार नहीं किया जा सकता।
