गाजीपुर
बिजली संकट से हाहाकार, उमस भरी रातों में जागने को मजबूर लोग
रात 11 बजे के बाद अघोषित कटौती से बढ़ी परेशानी, ग्रामीणों ने बिजली विभाग पर लापरवाही का लगाया आरोप
बच्चों, बुजुर्गों और मरीजों की बढ़ी मुश्किलें, व्यवस्था नहीं सुधरी तो जनआंदोलन की चेतावनी
नंदगंज (गाजीपुर)। भीषण गर्मी और उमस के बीच नंदगंज कस्बे, बरहपुर तथा आसपास के गांवों में अघोषित और अनियमित बिजली कटौती ने लोगों का जीना मुश्किल कर दिया है। स्थानीय नागरिकों का आरोप है कि दिन में किसी तरह बिजली आपूर्ति बनी रहती है, लेकिन रात 11-12 बजे के बाद कई-कई घंटे तक बिजली गुल रहने से लोग पूरी रात जागने को मजबूर हो रहे हैं।
ग्रामीणों का कहना है कि रात में बिजली कटने से सबसे अधिक परेशानी छोटे बच्चों, बुजुर्गों, महिलाओं और बीमार लोगों को उठानी पड़ रही है। उमस भरी गर्मी में पंखे और कूलर बंद होते ही घरों में रहना मुश्किल हो जाता है। लोगों का आरोप है कि बिजली विभाग न तो कटौती की कोई पूर्व सूचना देता है और न ही आपूर्ति बाधित होने के सही कारणों की स्पष्ट जानकारी उपलब्ध कराता है। कभी मेन लाइन में फॉल्ट तो कभी तार टूटने का हवाला देकर घंटों तक बिजली आपूर्ति ठप रहती है।
क्षेत्रवासियों का कहना है कि तकनीकी खराबी होने पर उसे ठीक करने में भी कई घंटे लग जाते हैं। बार-बार बिजली आने-जाने से घरेलू विद्युत उपकरणों के खराब होने का खतरा भी बना रहता है। लोगों का सवाल है कि जब रात के समय बिजली की सबसे अधिक आवश्यकता होती है, तभी आपूर्ति बाधित क्यों कर दी जाती है।
स्थानीय नागरिकों ने बिजली विभाग और जिला प्रशासन से रात्रिकालीन बिजली आपूर्ति को प्राथमिकता देने तथा रात 11 बजे के बाद होने वाली अघोषित कटौती पर तत्काल रोक लगाने की मांग की है। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि जल्द ही व्यवस्था में सुधार नहीं हुआ तो वे जनआंदोलन करने को बाध्य होंगे।
ग्रामीणों ने जनप्रतिनिधियों की उदासीनता पर भी नाराजगी जताई। उनका कहना है कि चुनाव के समय बड़े-बड़े वादे किए जाते हैं, लेकिन बिजली जैसी बुनियादी समस्या पर कोई जनप्रतिनिधि आगे आकर आवाज नहीं उठा रहा है। लोगों का कहना है कि विकास के दावे तभी सार्थक होंगे, जब आम जनता को निर्बाध बिजली जैसी मूलभूत सुविधा वास्तव में उपलब्ध हो सके।
