आजमगढ़
हरिहरपुर संगीत घराने के आलोक मिश्रा को चार गोल्ड मेडल
तबला वादन में रचा नया इतिहास
भातखंडे संस्कृति विश्वविद्यालय में बीपीए तबला पाठ्यक्रम में प्रथम स्थान, आजमगढ़ के लिए गौरव का क्षण
आजमगढ़। विश्वविख्यात हरिहरपुर संगीत घराने के युवा तबला वादक आलोक मिश्रा ने भातखंडे संस्कृति विश्वविद्यालय, लखनऊ के बी.पी.ए. (तबला) पाठ्यक्रम में प्रथम स्थान प्राप्त कर चार गोल्ड मेडल अपने नाम किए हैं। विश्वविद्यालय के दीक्षांत समारोह में उन्हें इस उत्कृष्ट उपलब्धि के लिए सम्मानित किया गया।
आलोक मिश्रा को यह सम्मान उत्तर प्रदेश के संस्कृति मंत्री जयवीर सिंह, विश्वविद्यालय की कुलपति प्रो. मांडवी सिंह, प्रमुख सचिव संस्कृति अमृत अभिजात तथा राज्यपाल के प्रतिनिधि एच.एम. बोबडे के करकमलों से प्रदान किया गया।
आलोक की इस उपलब्धि से हरिहरपुर संगीत घराने के साथ-साथ पूरे आजमगढ़ जनपद में हर्ष और गर्व का माहौल है। इसे घराने की समृद्ध सांगीतिक परंपरा और युवा प्रतिभाओं की निरंतर सफलता का प्रतीक माना जा रहा है।
इस अवसर पर हरिहरपुर संगीत घराने के वरिष्ठ कलाकार पंडित अजय मिश्रा, पंडित हृदय मिश्रा, शंभूनाथ मिश्रा, दीपराज मिश्रा और दीपक मिश्रा सहित अनेक कलाकारों ने आलोक मिश्रा को शुभकामनाएं दीं। वहीं समाजसेवी विवेक पांडे, ज्योतिषाचार्य सत्यम गुरुजी, वरिष्ठ अधिवक्ता बजरंग मिश्रा, रविशंकर पांडे, संस्कार भारती के अध्यक्ष डॉ. डी.पी. तिवारी सहित अनेक गणमान्य नागरिकों और देश-प्रदेश के शुभचिंतकों ने भी उन्हें बधाई दी।
हरिहरपुर संगीत घराने के अध्यक्ष आदर्श मिश्रा ने कहा कि यह सम्मान केवल आलोक मिश्रा की व्यक्तिगत उपलब्धि नहीं, बल्कि पूरे हरिहरपुर संगीत घराने और जनपद आजमगढ़ के लिए गर्व का विषय है। उन्होंने सभी गुरुजनों, कलाकारों और शुभेच्छुओं के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि युवा प्रतिभाओं की यह सफलता भारतीय शास्त्रीय संगीत की समृद्ध परंपरा को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाएगी।
