गोरखपुर
अब सूरज की रोशनी से चलेगा गोरखपुर का यांत्रिक कारखाना
गोरखपुर। ऊर्जा संरक्षण और हरित ऊर्जा को बढ़ावा देने की दिशा में पूर्वोत्तर रेलवे ने एक और महत्वपूर्ण कदम उठाया है। गोरखपुर स्थित यांत्रिक कारखाने में 500 किलोवाट क्षमता के नए सोलर पैनल स्थापित किए गए हैं। इनके संचालन शुरू होते ही कारखाने के कई प्लांट सौर ऊर्जा से संचालित होने लगेंगे।
कारखाना प्रशासन के अनुसार नए सोलर पैनलों का उद्घाटन जल्द किया जाएगा। वर्तमान में कारखाने में पहले से एक हजार किलोवाट क्षमता के सोलर पैनल कार्यरत हैं। 500 किलोवाट की नई क्षमता जुड़ने के बाद कारखाने के लगभग 30 प्रतिशत प्लांट सौर ऊर्जा से संचालित होने लगेंगे।
अधिकारियों ने बताया कि भविष्य में सौर ऊर्जा के उपयोग को और बढ़ाने की योजना तैयार की गई है। इसके तहत बड़े पैमाने पर अतिरिक्त सोलर पैनल लगाए जाएंगे, जिससे पारंपरिक ऊर्जा स्रोतों पर निर्भरता कम होगी और ऊर्जा लागत में भी कमी आएगी।
पूर्वोत्तर रेलवे लगातार ऊर्जा संरक्षण और पर्यावरण संरक्षण से जुड़े प्रयासों को आगे बढ़ा रहा है। रेलवे प्रशासन की योजना स्टेशनों, रेलवे कॉलोनियों और अन्य परिसरों में भी रूफटॉप सोलर पैनलों का विस्तार करने की है।
रेलवे अधिकारियों का मानना है कि सौर ऊर्जा के बढ़ते उपयोग से न केवल बिजली की बचत होगी, बल्कि पर्यावरण संरक्षण को भी मजबूती मिलेगी। इसी दिशा में यांत्रिक कारखाने में सौर ऊर्जा आधारित व्यवस्था को चरणबद्ध तरीके से विस्तार दिया जा रहा है।
