बलिया
सीएचसी रसड़ा की बदहाल स्वास्थ्य सेवाओं के खिलाफ छात्रों का प्रदर्शन
एसडीएम को सौंपा 12 सूत्रीय मांगपत्र, ऑपरेशन थियेटर, विशेषज्ञ डॉक्टर और आधुनिक सुविधाएं उपलब्ध कराने की मांग
मांगें पूरी न होने पर अस्पताल परिसर में शांतिपूर्ण जनआंदोलन की चेतावनी
रसड़ा (बलिया)। सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) रसड़ा की स्वास्थ्य सेवाओं में सुधार की मांग को लेकर मंगलवार को छात्र नेताओं एवं सामाजिक कार्यकर्ताओं ने उपजिलाधिकारी (एसडीएम) रसड़ा को 12 सूत्रीय मांगपत्र सौंपा। ज्ञापन में अस्पताल की बदहाल व्यवस्था पर चिंता व्यक्त करते हुए 20 दिनों के भीतर आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराने की मांग की गई। साथ ही चेतावनी दी गई कि समय सीमा के भीतर कार्रवाई नहीं होने पर अस्पताल परिसर में शांतिपूर्ण जनआंदोलन किया जाएगा।
ज्ञापन में कहा गया कि सीएचसी रसड़ा बलिया, मऊ और गाजीपुर सहित आसपास के क्षेत्रों की बड़ी आबादी के लिए प्रमुख स्वास्थ्य केंद्र है, लेकिन यहां विशेषज्ञ चिकित्सकों, आधुनिक उपकरणों और आवश्यक चिकित्सा सुविधाओं का अभाव है। इसके कारण गंभीर मरीजों को जिला अस्पताल या अन्य शहरों का रुख करना पड़ता है।
छात्र नेताओं ने अस्पताल में तत्काल ऑपरेशन थियेटर शुरू कराने, हृदय रोग, बाल रोग, स्त्री एवं प्रसूति रोग, हड्डी रोग सहित विभिन्न विशेषज्ञ चिकित्सकों की नियुक्ति सुनिश्चित करने की मांग की। इसके अलावा आईसीयू, एक्स-रे, अल्ट्रासाउंड, ऑक्सीजन सपोर्ट सिस्टम, ईसीजी, एमआरआई, सीटी स्कैन, ब्लड बैंक, डायलिसिस सुविधा, पर्याप्त बेड, जीवनरक्षक दवाएं और डिजिटल मरीज रिकॉर्ड प्रणाली लागू करने की भी मांग उठाई गई।
ज्ञापन में अस्पताल परिसर में जल निकासी, स्वच्छ शौचालय, पेयजल, सीसीटीवी कैमरे, सुरक्षा गार्ड तथा प्रसूता महिलाओं एवं नवजात शिशुओं के लिए अलग एवं स्वच्छ वार्ड की व्यवस्था करने की भी मांग की गई।
छात्र नेताओं ने कहा कि यदि 20 दिनों के भीतर मांगों पर प्रभावी कार्रवाई नहीं की गई तो छात्र संगठन और स्थानीय नागरिक अस्पताल परिसर में शांतिपूर्ण धरना-प्रदर्शन एवं जनआंदोलन शुरू करेंगे, जिसकी जिम्मेदारी प्रशासन की होगी।
इस दौरान पूर्व छात्रसंघ अध्यक्ष दिलीप सिंह, छात्र नेता राहुल पाण्डेय, पूर्व महामंत्री अजीत तिवारी, धीरज तिवारी, शुभम तिवारी सहित अन्य छात्र एवं सामाजिक कार्यकर्ता मौजूद रहे।
