बलिया
मौसम आधारित कृषि प्रबंधन से किसानों को सशक्त बनाने पर मंथन
राष्ट्रीय संगोष्ठी में वैज्ञानिक खेती, मौसम पूर्वानुमान और कृषि-परामर्श सेवाओं के महत्व पर जोर
नगरा (बलिया)। तिरुपति बालाजी शिक्षण सेवा संस्थान के तत्वावधान में पृथ्वी विज्ञान मंत्रालय, भारत सरकार के सहयोग से मंगलवार को रामजी रुद्रजी पब्लिक इंटर कॉलेज, रेकुआ में राष्ट्रीय संगोष्ठी आयोजित की गई। इसका विषय ‘कृषि-परामर्श सेवाओं एवं मौसम आधारित कृषि प्रबंधन के माध्यम से किसानों का सशक्तिकरण’ रहा।
मौसम के अनुसार खेती पर जोर
मुख्य अतिथि प्रो. बृजेश सिंह ने कहा कि बदलते मौसम और प्राकृतिक परिस्थितियों का कृषि पर सीधा प्रभाव पड़ता है। ऐसे में समय पर मौसम पूर्वानुमान और फसल के अनुरूप कृषि-परामर्श किसानों के लिए बेहद उपयोगी है।
लागत और नुकसान कम करने की जानकारी
विशेषज्ञों ने कहा कि मौसम की स्थिति के अनुसार बुवाई, सिंचाई, उर्वरक और कीटनाशक का प्रयोग करने से किसानों की लागत कम की जा सकती है। वैज्ञानिक कृषि प्रबंधन अपनाकर मौसम संबंधी जोखिम और संभावित नुकसान को भी कम किया जा सकता है।
बड़ी संख्या में किसान हुए शामिल
कार्यक्रम की अध्यक्षता राम प्रताप सिंह ने की। विशिष्ट अतिथियों में डॉ. संजीत सिंह, डॉ. अवनीश पांडेय, डॉ. शैलेश गिरी, डॉ. तपेंद्र चौधरी, अरविंद गुप्ता और डॉ. अनुज कुमार गौड़ शामिल रहे। संगोष्ठी में आसपास के गांवों से बड़ी संख्या में किसान, विद्यार्थी, ग्राम प्रधान और ग्रामीण मौजूद रहे।
प्रतिभागियों को दिए प्रमाण-पत्र
संस्थान के प्रबंधक गौतम शर्मा की देखरेख में आयोजित कार्यक्रम में मीरा सिंह, मु. फैजान रिजवान, डॉ. सुधाकर सिंह, सियाराम, अजीत कुमार सिंह, अमर यादव, अरविंद सिंह, शिव कुमार सिंह, विकास यादव और किसान नेता सत्येंद्र यादव समेत अन्य लोग मौजूद रहे। अंत में प्रतिभागियों को प्रमाण-पत्र वितरित किए गए।
