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मिर्ज़ापुर

प्रवेश की तिथि 25 सितंबर तक बढ़ी, कुलपति ने दिए सख्त निर्देश

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शासन के कलेण्डर का अक्षरशः पालन करने पर जोर, छात्रहित को सर्वोच्च प्राथमिकता देने का आह्वान

मीरजापुर। मां विंध्यवासिनी विश्वविद्यालय से संबद्ध मीरजापुर एवं सोनभद्र के महाविद्यालयों के प्रबंधकों और प्राचार्यों की आवश्यक बैठक मंगलवार को कुलपति प्रो. शोभा गौड़ की अध्यक्षता में हुई। बैठक में प्रवेश, परीक्षा, पाठ्यक्रम और विद्यार्थियों के हित से जुड़े विभिन्न महत्वपूर्ण विषयों पर विस्तार से चर्चा की गई। कुलपति ने महाविद्यालयों में शैक्षणिक व्यवस्था को बेहतर बनाए रखने के निर्देश दिए।

शासन के कलेण्डर का करें पालन

कुलपति प्रो. शोभा गौड़ ने कहा कि शासन द्वारा निर्धारित कलेण्डर का अक्षरशः पालन सुनिश्चित किया जाए। विश्वविद्यालय की शैक्षणिक और परीक्षा संबंधी गतिविधियां निर्धारित समय-सारिणी के अनुसार संचालित होनी चाहिए। उन्होंने महाविद्यालयों को शासन एवं विश्वविद्यालय की ओर से जारी दिशा-निर्देशों का गंभीरता से अनुपालन सुनिश्चित करने को कहा।

छात्रहित को सर्वोच्च प्राथमिकता

कुलपति ने कहा कि विद्यार्थियों को प्रवेश, पठन-पाठन और परीक्षा से संबंधित किसी भी प्रकार की असुविधा नहीं होनी चाहिए। महाविद्यालय प्रशासन छात्रहित को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए सभी व्यवस्थाएं सुनिश्चित करे। उन्होंने प्रवेश प्रक्रिया को पारदर्शी और व्यवस्थित तरीके से पूरा करने पर भी जोर दिया।

25 सितंबर तक बढ़ी प्रवेश की तिथि

बैठक में महाविद्यालयों में चल रही प्रवेश प्रक्रिया की स्थिति की समीक्षा की गई। पात्र विद्यार्थियों को प्रवेश का पर्याप्त अवसर उपलब्ध कराने और किसी भी विद्यार्थी को प्रवेश से वंचित न होने देने के उद्देश्य से प्रवेश की अंतिम तिथि 25 सितंबर तक बढ़ाने का निर्णय लिया गया। कुलपति ने महाविद्यालयों को निर्धारित नियमों के अनुरूप प्रवेश प्रक्रिया पूरी करने के निर्देश दिए।

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महाविद्यालयों की समस्याओं पर भी चर्चा

बैठक के दौरान महाविद्यालयों के प्रबंधकों और प्राचार्यों ने अपनी विभिन्न समस्याओं को विश्वविद्यालय प्रशासन के सामने रखा। कुलपति ने समस्याओं को गंभीरता से लेते हुए कुलसचिव राम नारायण को उनके शीघ्र निस्तारण के लिए आवश्यक कार्रवाई करने के निर्देश दिए।

चार वर्षीय स्नातक पाठ्यक्रम पर मंथन

बैठक में सत्र 2026-27 से प्रभावी चार वर्षीय स्नातक पाठ्यक्रम को लेकर भी विस्तार से चर्चा हुई। विज्ञान संकायाध्यक्ष प्रो. देवेंद्र पाण्डेय ने नए पाठ्यक्रम की संरचना, महत्वपूर्ण बिंदुओं और महाविद्यालयों में आवश्यक शैक्षणिक व्यवस्थाओं की जानकारी दी। उन्होंने महाविद्यालयों से नए पाठ्यक्रम के अनुरूप आवश्यक तैयारियां समय से पूरी करने पर जोर दिया।

विश्वविद्यालय के अधिकारी रहे मौजूद

बैठक में कुलसचिव राम नारायण, परीक्षा नियंत्रक हरीश चंद, शिक्षा संकायाध्यक्ष प्रो. भवभूति मिश्र, समाज विज्ञान संकायाध्यक्ष प्रो. अशोक सिंह, विज्ञान संकायाध्यक्ष प्रो. देवेंद्र पाण्डेय, कृषि संकायाध्यक्ष प्रो. सूबेदार यादव और वाणिज्य संकायाध्यक्ष प्रो. राज मोहन शर्मा सहित मीरजापुर एवं सोनभद्र के विभिन्न महाविद्यालयों के प्रबंधक, प्राचार्य एवं विश्वविद्यालय के अन्य अधिकारी मौजूद रहे।

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