गोरखपुर
दो 400 केवीए ट्रांसफॉर्मर गायब मिलने पर जेई निलंबित
राप्तीनगर न्यू उपकेंद्र क्षेत्र में विभागीय जांच के दौरान सामने आया मामला, दोनों ट्रांसफॉर्मर दोबारा कराए गए स्थापित
गोरखपुर। राप्तीनगर न्यू उपकेंद्र से जुड़े क्षेत्र में चार-चार सौ केवीए क्षमता के दो ट्रांसफॉर्मर गायब मिलने के मामले में बिजली विभाग ने कार्रवाई करते हुए तत्कालीन अवर अभियंता (जेई) मोहनलाल को निलंबित कर दिया है। निलंबन के बाद उन्हें परीक्षण खंड से संबद्ध किया गया है। विभाग ने मामले को गंभीर मानते हुए आगे की जांच भी शुरू कर दी है।
मई में निरीक्षण के दौरान सामने आया मामला
मामला मिलेनियम सिटी स्थित तिकोना पार्क और इंद्रप्रस्थनगर द्वितीय का है। मई में विभागीय जांच के दौरान दोनों स्थानों पर 400-400 केवीए क्षमता के ट्रांसफॉर्मर गायब मिले थे। दोनों जगह ट्रांसफॉर्मर लगाने के लिए प्लिंथ तैयार थे, लेकिन मौके पर ट्रांसफॉर्मर मौजूद नहीं थे। इसी निरीक्षण में 25 से 400 केवीए क्षमता के आठ अन्य ट्रांसफॉर्मर भी खराब मिले थे।
जेई से मांगा गया था स्पष्टीकरण
मामला सामने आने के बाद राप्तीनगर खंड के अधिशासी अभियंता अभिषेक कुमार ने 23 मई को जेई मोहनलाल को नोटिस जारी कर स्पष्टीकरण मांगा था। जवाब नहीं मिलने पर 19 जून को दोबारा नोटिस जारी किया गया। इसके बाद भी स्थिति स्पष्ट नहीं होने पर 10 अगस्त को अंतिम नोटिस दिया गया। अंतिम नोटिस के बाद जेई ने अपना पक्ष रखा, लेकिन विभाग ने मामले को गंभीर मानते हुए निलंबन की कार्रवाई की।
36 ट्रांसफॉर्मर स्टोर तक नहीं पहुंचे
विभागीय रिकॉर्ड के अनुसार पिछले वर्ष दिसंबर से बदले गए 36 ट्रांसफॉर्मर स्टोर तक नहीं पहुंच पाए थे। इनमें राप्तीनगर क्षेत्र के दोनों ट्रांसफॉर्मर भी शामिल बताए गए हैं। जिस अवधि में दोनों ट्रांसफॉर्मर गायब मिले, उस समय राप्तीनगर न्यू उपकेंद्र की जिम्मेदारी जेई मोहनलाल के पास थी। वर्तमान में उनकी तैनाती धर्मशाला उपकेंद्र पर थी।
दोनों ट्रांसफॉर्मर दोबारा स्थापित
मामला सामने आने के बाद सोमवार को दोनों ट्रांसफॉर्मरों की व्यवस्था कराई गई और मंगलवार को उन्हें संबंधित प्लिंथ पर स्थापित कर दिया गया। हालांकि, ट्रांसफॉर्मरों के निर्धारित समय तक स्टोर तक नहीं पहुंचने और बाद में गायब मिलने को लेकर विभागीय जांच जारी है।
दोषी मिलने पर होगी कार्रवाई
अधीक्षण अभियंता शहर रणजीत चौधरी ने कहा कि मामला गंभीर है। जेई को निलंबित किया गया है और आगे की कार्रवाई विभागीय जांच के आधार पर होगी। उन्होंने कहा कि सभी अभियंताओं को व्यवस्थाएं दुरुस्त रखने के निर्देश दिए गए हैं। जांच में जो भी दोषी पाया जाएगा, उसके खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।
