मिर्ज़ापुर
टीबी मरीजों को इलाज के लिए डीएम कार्यालय पहुंचना पड़ा
जिला क्षय रोग विभाग में डॉक्टर के उपलब्ध न होने का आरोप, मरीजों ने शिकायत देकर जांच और कार्रवाई की मांग की
मिर्जापुर। जिला अस्पताल स्थित जिला क्षय रोग (टीबी) विभाग में डॉक्टरों की कथित अनुपलब्धता से परेशान दो टीबी मरीज बुधवार को जिलाधिकारी कार्यालय पहुंचे। मरीजों ने आरोप लगाया कि कई दिनों से विभाग के चक्कर लगाने के बावजूद उन्हें समय पर चिकित्सकीय परामर्श और जरूरी दवाएं नहीं मिल पा रही हैं। इससे उनकी परेशानी बढ़ गई है।
कई दिनों से लगा रहे अस्पताल के चक्कर
पीड़ित मरीजों के अनुसार वे नियमित इलाज और दवाएं लेने के लिए जिला क्षय रोग विभाग पहुंच रहे हैं। उनका आरोप है कि कई बार डॉक्टर के केबिन में मौजूद नहीं होने की जानकारी देकर उन्हें वापस कर दिया गया या घंटों इंतजार करना पड़ा। मरीजों का कहना है कि टीबी के इलाज में दवाओं का नियमित सेवन जरूरी है, ऐसे में उपचार में देरी से उन्हें परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
डीएम से लगाई कार्रवाई की गुहार
परेशान दोनों मरीजों ने जिलाधिकारी कार्यालय पहुंचकर अपनी शिकायत दर्ज कराई। उन्होंने डीएम को प्रार्थना पत्र देकर विभाग में चिकित्सकों की उपलब्धता सुनिश्चित कराने और मरीजों को नियमित उपचार व दवाएं उपलब्ध कराने की मांग की। मरीजों ने बताया कि दूर-दराज के क्षेत्रों से जिला अस्पताल पहुंचने के बाद डॉक्टर के नहीं मिलने पर उन्हें दोबारा लौटना पड़ता है।
जांच के निर्देश देने की बात
मरीजों की शिकायत पर जिलाधिकारी ने मामले को गंभीरता से लेते हुए संबंधित स्वास्थ्य अधिकारियों से जांच कराने के निर्देश दिए। साथ ही मरीजों को उपचार में किसी तरह की परेशानी न होने देने का आश्वासन दिया गया। शिकायत में लगाए गए आरोपों की जांच के बाद ही विभागीय स्तर पर वास्तविक स्थिति स्पष्ट होगी।
स्वास्थ्य व्यवस्था पर उठे सवाल
मरीजों की शिकायत ने जिला क्षय रोग विभाग की व्यवस्थाओं को लेकर सवाल खड़े किए हैं। टीबी मरीजों के लिए नियमित दवा और चिकित्सकीय निगरानी महत्वपूर्ण मानी जाती है। ऐसे में मरीजों का समय पर उपचार सुनिश्चित करना स्वास्थ्य विभाग की जिम्मेदारी है। अधिकारियों की जांच के बाद ही यह स्पष्ट होगा कि डॉक्टरों की अनुपलब्धता किस कारण हुई और इसमें किसी स्तर पर लापरवाही हुई या नहीं।
