भदोही
नाबालिग से जुड़े अपराध में दोषी को 20 वर्ष की सजा, 50 हजार रुपये जुर्माना
ऑपरेशन कन्विक्शन के तहत हुई प्रभावी पैरवी
भदोही/गोपीगंज। ऑपरेशन कन्विक्शन के तहत महिला एवं बाल संबंधी अपराधों में दोषी अभियुक्तों को अधिकतम और त्वरित दंड दिलाने के लिए चलाए जा रहे अभियान में भदोही पुलिस को सफलता मिली है। गोपीगंज थाना क्षेत्र के एक मामले में न्यायालय ने दोषी अभियुक्त अखिलेश यादव को 20 वर्ष के सश्रम कारावास और 50 हजार रुपये अर्थदंड से दंडित किया है।
2024 में दर्ज हुआ था मुकदमा
पुलिस के अनुसार जगनन्दनपट्टी (किशुनदेवपुर), थाना गोपीगंज निवासी अखिलेश यादव के खिलाफ मु0अ0सं0 96/2024 के तहत धारा 363, 366, 376 भारतीय दंड संहिता, पॉक्सो अधिनियम की धारा 3/4 तथा एससी/एसटी अधिनियम की धारा 3(2)(v) में मुकदमा दर्ज किया गया था।
वैज्ञानिक विवेचना और साक्ष्य संकलन
भदोही पुलिस के अनुसार मामले में वैज्ञानिक तरीके से विवेचना करते हुए साक्ष्यों का संकलन किया गया और अल्प समय में आरोप पत्र न्यायालय में प्रेषित किया गया। पुलिस का कहना है कि मजबूत साक्ष्यों और प्रभावी अभियोजन पैरवी के चलते मामले में दोषसिद्धि हुई।
विशेष न्यायालय ने सुनाई सजा
पुलिस के मुताबिक स्थानीय पुलिस, मॉनिटरिंग सेल और एडीजीसी धीरज शुक्ला की प्रभावी पैरवी के बाद विशेष न्यायाधीश (पॉक्सो), ज्ञानपुर, भदोही के न्यायालय ने अखिलेश यादव को पॉक्सो अधिनियम की धारा 3/4(2) के तहत 20 वर्ष के सश्रम कारावास और 50 हजार रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई। जुर्माना अदा नहीं करने पर छह माह का अतिरिक्त कारावास भुगतना होगा।
दोषियों को सजा दिलाने की कार्रवाई जारी
पुलिस अधीक्षक अभिनव त्यागी के निर्देशन में ऑपरेशन कन्विक्शन के तहत महिला एवं बाल संबंधी अपराधों में दोषी अभियुक्तों के खिलाफ प्रभावी कार्रवाई के लिए विशेष अभियान चलाया जा रहा है। भदोही पुलिस ने कहा कि प्रभावी विवेचना, साक्ष्य संकलन और अभियोजन की पैरवी के माध्यम से दोषियों को दंडित कराने की कार्रवाई आगे भी जारी रहेगी।
