भदोही
भदोही में 339 जोड़ों ने थामा एक-दूजे का हाथ, मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना से मिली राहत
जिले के विकासखंडों और नगर निकायों में गूंजीं शहनाइयां, प्रत्येक कन्या के खाते में 64 हजार रुपये की सहायता और 21 हजार रुपये की उपहार सामग्री
संत रविदासनगर (भदोही), 28 अक्टूबर। मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना के तहत बुधवार को जनपद के विभिन्न विकासखंडों और नगर निकायों में सामूहिक विवाह समारोह आयोजित किए गए। जिलाधिकारी शैलेष कुमार के मार्गदर्शन में कुल 339 जोड़ों का विवाह संपन्न कराया गया। इस दौरान नवदंपतियों ने वैवाहिक बंधन में बंधकर नए जीवन की शुरुआत की। जनप्रतिनिधियों और अधिकारियों ने नवविवाहित जोड़ों को सुखी वैवाहिक जीवन का आशीर्वाद दिया।

भदोही और ज्ञानपुर में सबसे अधिक विवाह
जिले में ब्लॉक भदोही में 49, औराई में 68, ज्ञानपुर में 72, सुरियावां में 34, डीघ में 49 और अभोली में 32 जोड़ों का विवाह संपन्न हुआ। वहीं, नगर पालिका गोपीगंज में छह, नगर पालिका भदोही में 16, नगर पंचायत ज्ञानपुर में छह, नगर पंचायत सुरियावां में पांच और नगर पंचायत खमरिया में दो जोड़े वैवाहिक बंधन में बंधे। इस तरह कुल 339 जोड़ों ने नए जीवन की शुरुआत की।
कमजोर वर्गों के लिए लाभकारी योजना
समारोह में औराई विधायक दीनानाथ भास्कर, ज्ञानपुर विधायक विपुल दुबे, पूर्व विधायक रविंद्र त्रिपाठी और मुख्य विकास अधिकारी बाल गोविंद शुक्ला सहित अन्य जनप्रतिनिधि व अधिकारी उपस्थित रहे। अतिथियों ने नवदंपतियों को आशीर्वाद देते हुए कहा कि मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों के लिए सहायक साबित हो रही है। इससे परिवारों को विवाह के खर्च का बोझ कम करने में मदद मिलती है।
शादी में होने वाले अनावश्यक खर्च पर लगती है रोक
ज्ञानपुर विधायक विपुल दुबे ने कहा कि सामूहिक विवाह योजना शादी में होने वाले अनावश्यक खर्च पर रोक लगाती है। इससे गरीब परिवार भी अपनी बेटियों और बेटों का विवाह सम्मानपूर्वक संपन्न करा सकते हैं। उन्होंने विवाह संस्कार को पति-पत्नी के बीच समर्पण और सामाजिक उत्तरदायित्व का पवित्र बंधन बताया। उनके अनुसार, सामूहिक विवाह समाज में समरसता और समानता को बढ़ावा देता है।
सामाजिक एकता और समरसता का संदेश:
मुख्य विकास अधिकारी बाल गोविंद शुक्ला ने कहा कि सामूहिक विवाह योजना समाज की एकता और अखंडता को मजबूत करती है। एक ही मंडप में विभिन्न जातियों और समुदायों के जोड़े सामाजिक रीति-रिवाजों के अनुसार विवाह बंधन में बंधते हैं। इससे सर्वधर्म समभाव और साझा सांस्कृतिक परंपराओं को बढ़ावा मिलता है। उन्होंने नवदंपतियों को सात फेरों के वचनों का पालन करते हुए सामंजस्यपूर्ण जीवन जीने और प्रगति के पथ पर आगे बढ़ने की शुभकामनाएं दीं।
232 अनुसूचित जाति और 98 पिछड़ा वर्ग के जोड़े
समारोह में शामिल 339 जोड़ों में अनुसूचित जाति के 232, पिछड़ा वर्ग के 98, सामान्य वर्ग के तीन और अल्पसंख्यक वर्ग के छह जोड़े शामिल रहे। आयोजन के दौरान नवदंपतियों, उनके परिजनों और उपस्थित लोगों के लिए आवश्यक व्यवस्थाएं की गई थीं।
प्रत्येक कन्या को 64 हजार रुपये की सहायता
जिला समाज कल्याण अधिकारी ने बताया कि मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना के तहत शासन की ओर से प्रत्येक कन्या के खाते में 64 हजार रुपये की सहायता राशि तथा 21 हजार रुपये मूल्य की वैवाहिक उपहार सामग्री उपलब्ध कराई गई। योजना का उद्देश्य आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों को विवाह संबंधी खर्च में राहत देना और बेटियों का विवाह सम्मानपूर्वक संपन्न कराना है।
जनप्रतिनिधियों और अधिकारियों ने दिया आशीर्वाद
सामूहिक विवाह समारोह में उपस्थित जनप्रतिनिधियों और अधिकारियों ने सभी 339 नवदंपतियों को शुभकामनाएं देते हुए उनके सुखमय एवं मंगलमय वैवाहिक जीवन की कामना की। समारोह के माध्यम से सामाजिक समरसता, आपसी सद्भाव और सामूहिक सहभागिता का संदेश दिया गया।
