वाराणसी
राममय होगा रामनगर, आज से शुरू होगी ऐतिहासिक रामलीला
अनंत चतुर्दशी पर होगा शुभारंभ
रामनगर। अनंत चतुर्दशी के अवसर पर शुक्रवार से रामनगर की करीब दो सौ वर्ष पुरानी ऐतिहासिक रामलीला का शुभारंभ होगा। काशी नरेश के संरक्षण में होने वाली यह रामलीला करीब एक माह तक चलेगी। इसका समापन श्रीराम के राज्याभिषेक के साथ होगा। पहले दिन रावण जन्म और श्रीराम अवतार की लीला का मंचन किया जाएगा।
40 से अधिक स्थलों पर होगा मंचन
रामनगर की रामलीला की सबसे बड़ी विशेषता यह है कि इसका आयोजन किसी एक मंच तक सीमित नहीं रहता। रामनगर के करीब पांच से दस किलोमीटर के दायरे में बने अयोध्या, जनकपुरी, चित्रकूट और लंका समेत करीब 40 खुले लीला स्थलों पर अलग-अलग प्रसंगों का मंचन होता है। पूरे एक माह तक रामनगर रामलीला के रंग में रंगा रहेगा और दूर-दराज से श्रद्धालु लीला देखने पहुंचेंगे।

आज भी कायम है पारंपरिक स्वरूप
परंपरा और आस्था की मिसाल मानी जाने वाली रामनगर की रामलीला में आज भी आधुनिक मंचीय तकनीक, माइक और तेज रोशनी का इस्तेमाल नहीं किया जाता। मशाल और पेट्रोमैक्स की रोशनी में कलाकार ऊंची आवाज में संवाद बोलकर लीला के प्रसंगों को जीवंत करते हैं।

देश-विदेश में मिली विशेष पहचान
रामलीला की यही पारंपरिक शैली और ऐतिहासिक महत्व इसे विशिष्ट बनाता है। करीब दो शताब्दी से चली आ रही इस परंपरा को देखने के लिए हर वर्ष बड़ी संख्या में श्रद्धालु रामनगर पहुंचते हैं। लीला के दौरान पूरा क्षेत्र धार्मिक आस्था और रामभक्ति के रंग में डूबा नजर
