जौनपुर
चलते टेंपो से कूदकर किशोरी ने बचाई जान, अपहरण का आरोप
रास्ता पूछने के बहाने जबरन वाहन में बैठाने का दावा
जफराबाद/जौनपुर। जलालपुर थाना क्षेत्र के नत्थनपुर गांव के पास गुरुवार को 16 वर्षीय किशोरी के कथित अपहरण का मामला सामने आया। किशोरी का आरोप है कि बंद बॉडी वाले टाटा टेंपो सवार दो लोगों ने रास्ता पूछने के बहाने उसे बुलाया और मुंह दबाकर जबरन वाहन में बैठा लिया। वाहन का दरवाजा बाहर से बंद कर आरोपी उसे बेलाव-केराकत मार्ग की ओर ले गए।
टेंपो में सात अन्य लड़कियां होने का दावा
हीरापुर गांव निवासी पतिराम यादव की 16 वर्षीय पुत्री अंजली यादव के अनुसार वह नत्थनपुर गांव के पास घास काटने गई थी। इसी दौरान टेंपो से दो लोग उतरे और उसे बुलाया। किशोरी का कहना है कि वाहन के अंदर पहुंचने पर उसने सात अन्य लड़कियों को देखा। उसके दावे के मुताबिक उनके हाथ-पैर बंधे थे, चेहरों पर नकाब था और वे बेहोशी की हालत में प्रतीत हो रही थीं।
चलते वाहन से छलांग लगाकर छिपी
किशोरी के अनुसार टेंपो जब घटनास्थल से करीब तीन किलोमीटर दूर नेहरूनगर पुलिया के पास पहुंचा तो उसने चलते वाहन से छलांग लगा दी। इसके बाद वह सड़क किनारे बांस की कोठी में छिप गई। किशोरी का दावा है कि उसके कूदने के बाद आरोपितों ने वाहन रोककर उसकी तलाश की, लेकिन नहीं मिलने पर टेंपो लेकर कबूलपुर बाजार की ओर चले गए।
ग्रामीणों को बताई घटना, परिजन पहुंचे
आरोपितों के चले जाने के बाद किशोरी बांस की कोठी से बाहर आई और आसपास मौजूद लोगों को घटना की जानकारी दी। सूचना मिलने पर उसके परिजन भी मौके पर पहुंचे और पुलिस को मामले की सूचना दी।
पुलिस ने सीसीटीवी फुटेज खंगाली
सूचना मिलते ही जलालपुर थाना प्रभारी सत्येंद्र विक्रम सिंह पुलिस टीम के साथ मौके पर पहुंचे। जफराबाद पुलिस और एसओजी टीम ने भी किशोरी से जानकारी ली। पुलिस ने किशोरी द्वारा बताए गए टेंपो और संभावित मार्ग की सूचना जिले के विभिन्न क्षेत्रों में प्रसारित कराई। इसके साथ ही क्षेत्र में लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली जा रही है।
पुलिस ने प्रथम दृष्टया मामला बताया संदिग्ध
थाना प्रभारी के अनुसार प्रथम दृष्टया मामला संदिग्ध प्रतीत हो रहा है। हालांकि किशोरी के आरोपों को गंभीरता से लेते हुए सभी संभावित पहलुओं से जांच की जा रही है। संदिग्ध टेंपो और उसमें सवार लोगों की तलाश के साथ सीसीटीवी फुटेज व अन्य साक्ष्यों की जांच की जा रही है। पुलिस के अनुसार जांच पूरी होने के बाद ही घटना की वास्तविक स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।
