आजमगढ़
साक्ष्य देने के बाद भी जांच रिपोर्ट पर उठे सवाल, गलत रिपोर्ट लगाने का आरोप
सरायमीर थाने की पुलिस जांच से असंतुष्ट शिकायतकर्ता ने वरिष्ठ अधिकारियों से की पुनः जांच की मांग
विदेश भेजने के नाम पर धन लेने का मामला, उपलब्ध साक्ष्यों को नजरअंदाज करने का आरोप
आजमगढ़। सरायमीर थाना क्षेत्र में पुलिस जांच रिपोर्ट को लेकर एक बार फिर सवाल खड़े हो गए हैं। शिकायतकर्ता एवं पत्रकार अबुल कैश ने आरोप लगाया है कि जांच अधिकारी को पर्याप्त साक्ष्य उपलब्ध कराने के बावजूद तथ्यों के विपरीत रिपोर्ट लगाई गई है। उन्होंने मामले की निष्पक्ष जांच कराकर जांच रिपोर्ट की पुनः समीक्षा की मांग की है।
शिकायतकर्ता के अनुसार, उन्होंने विदेश भेजने के नाम पर रेहान उर्फ मुन्ना पुत्र स्व. एजाज अहमद निवासी नोनारी, उनकी पत्नी आयशा बानो पुत्री इरम फातिमा एवं पुत्र मुबाससिर के खिलाफ धन लेने और वापस न करने को लेकर शिकायत की थी।
बैंक ट्रांजेक्शन समेत कई साक्ष्य देने का दावा
अबुल कैश का कहना है कि जांच के दौरान उन्होंने संबंधित दस्तावेज और अन्य साक्ष्य पुलिस को उपलब्ध कराए थे। उनके अनुसार, धनराशि ऑनलाइन माध्यम से रेहान उर्फ मुन्ना की पुत्री इरम फातिमा और पुत्र मुबाससिर के बैंक खातों में भेजी गई थी, जिसके प्रमाण भी जांच अधिकारी को दिए गए।
उन्होंने आरोप लगाया कि इसके बावजूद अंतिम जांच रिपोर्ट में इन महत्वपूर्ण तथ्यों को उचित महत्व नहीं दिया गया। जांच अधिकारी ने पक्षकारों के बयान दर्ज किए और धन वापसी से जुड़े कुछ बिंदुओं का उल्लेख किया, लेकिन शिकायतकर्ता का कहना है कि रिपोर्ट वास्तविक तथ्यों के अनुरूप नहीं है।
वरिष्ठ अधिकारियों से निष्पक्ष जांच की मांग
शिकायतकर्ता ने कहा कि यदि साक्ष्य देने के बाद भी एक पत्रकार को न्याय के लिए संघर्ष करना पड़ रहा है तो आम जनता पुलिस से न्याय की क्या उम्मीद करेगी। उन्होंने आरोप लगाया कि करीब तीन माह पहले भी सरायमीर थाने की पुलिस ने दबाव बनाकर समझौता कराया था, जिसमें 1 जून से पहले पूरा पैसा वापस करने की बात कही गई थी, लेकिन इसके बाद भी धनराशि वापस नहीं की गई।
शिकायतकर्ता ने वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों से पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराने, जांच रिपोर्ट की पुनः समीक्षा करने और उचित कार्रवाई किए जाने की मांग की है।
