गोरखपुर
चार दिन बाद हुआ राजू विश्वकर्मा का अंतिम संस्कार, मंत्री के आश्वासन पर परिजन हुए सहमत
देवरिया में हत्या के बाद तनावपूर्ण माहौल, प्रशासन की मध्यस्थता से सुलझा मामला
देवरिया। रामपुर कारखाना थाना क्षेत्र के नौतन हथियागढ़ गांव में रास्ते के विवाद में हुई राजू विश्वकर्मा की हत्या के बाद चार दिनों से चल रहा गतिरोध रविवार को समाप्त हो गया। परिजनों के अंतिम संस्कार से इनकार और आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग के बीच स्थिति तनावपूर्ण बनी हुई थी।
राज्य मंत्री के हस्तक्षेप के बाद बनी सहमति
उत्तर प्रदेश सरकार के राज्य मंत्री हंसराज विश्वकर्मा गांव पहुंचे और प्रशासनिक अधिकारियों के साथ करीब तीन घंटे तक परिजनों से बातचीत की। इस दौरान उन्होंने निष्पक्ष जांच, दोषियों पर सख्त कार्रवाई और सरकार की ओर से हरसंभव सहायता का आश्वासन दिया।
मंत्री के आश्वासन के बाद परिजन अंतिम संस्कार के लिए राजी हुए।
पुलिस और प्रशासन की मौजूदगी में हुआ अंतिम संस्कार
सहमति बनने के बाद प्रशासन की निगरानी में राजू विश्वकर्मा का अंतिम संस्कार छोटी गंडक नदी के तट पर धार्मिक रीति-रिवाज के अनुसार किया गया। इस दौरान इलाके में सुरक्षा व्यवस्था कड़ी रही।
अंतिम संस्कार के समय एसडीएम प्रवीण कुमार, सीओ सदर संजय रेड्डी, रामपुर कारखाना थाना प्रभारी अश्वनी प्रधान सहित भारी पुलिस बल मौजूद रहा।
परिजनों की प्रमुख मांगें
परिजनों ने सरकार के सामने कई मांगें रखीं, जिनमें शामिल हैं—
- मृतक की पत्नी को सरकारी नौकरी
- एक करोड़ रुपये की आर्थिक सहायता
- सभी आरोपियों की शीघ्र गिरफ्तारी
- कठोर कानूनी कार्रवाई
- आरोपियों के मकानों पर बुलडोजर कार्रवाई
प्रशासन ने सभी मांगों को शासन तक पहुंचाने और विधिसम्मत कार्रवाई का आश्वासन दिया है।
मामले की जांच जारी
गौरतलब है कि रास्ते के विवाद को लेकर हुई हिंसक झड़प में राजू विश्वकर्मा की मौत हो गई थी, जबकि दो अन्य लोग घायल हुए थे। पुलिस ने कई लोगों को हिरासत में लेकर आगे की जांच शुरू कर दी है और अन्य आरोपियों की तलाश जारी है।
