वाराणसी
तेज बारिश के बाद नगर निगम अलर्ट, नगर आयुक्त खुद उतरे मैदान में
आधे घंटे में खुलवाए गलीपिट और सीवर
शहर के कई इलाकों में जलनिकासी के लिए चला विशेष अभियान, पंप लगाकर निकाला गया पानी
सिगरा, सारनाथ, सरस्वती नगर समेत एक दर्जन से अधिक स्थानों पर त्वरित कार्रवाई, भविष्य में जलभराव रोकने को नई नालियां बनेंगी
वाराणसी। सोमवार सुबह हुई तेज बारिश के बाद शहर में संभावित जलभराव की स्थिति को देखते हुए नगर निगम पूरी तरह अलर्ट मोड में आ गया। नगर आयुक्त हिमांशु नागपाल स्वयं इंजीनियरिंग, स्वास्थ्य एवं जलकल विभाग के अधिकारियों के साथ सड़कों पर उतरे और विभिन्न क्षेत्रों का निरीक्षण कर जल निकासी की व्यवस्था का जायजा लिया। उनके निर्देश पर निगम की टीमों ने कई स्थानों पर गलीपिट और सीवर चैंबर खोलकर करीब आधे घंटे के भीतर जलभराव की समस्या दूर कर दी।

बारिश के दौरान कई स्थानों पर गलीपिट और सीवर चैंबर के मुंह पर कूड़ा जमा होने से पानी का बहाव बाधित हो गया था। नगर आयुक्त के निर्देश पर स्वास्थ्य विभाग ने तत्काल सफाई अभियान चलाया, जबकि जलकल विभाग ने सीवर एवं नालों की निगरानी तेज कर दी। अभियंत्रण विभाग ने निचले इलाकों में पंप लगाकर पानी निकालने की व्यवस्था की।
सारनाथ म्यूजियम रोड, दानियालपुर ईदगाह रोड, काशी विद्यापीठ रोड स्थित सरस्वती नगर, विकास भवन के सामने, सिगरा-फातमान रोड सहित एक दर्जन से अधिक स्थानों पर विशेष अभियान चलाकर जल निकासी सुनिश्चित की गई। नगर निगम के अनुसार अधिकांश स्थानों से लगभग आधे घंटे के भीतर पानी निकाल दिया गया, जिससे राहगीरों और वाहन चालकों को राहत मिली।

महेशपुर स्थित सिंधुरिया कॉलोनी समेत अन्य निचले क्षेत्रों में पंप लगाकर पानी निकाला गया। वहीं अंधरापुल के नीचे जलभराव न होने के बावजूद एहतियातन पंप तैनात रखा गया। इसके अलावा फुलवरिया, कोटवा और नई बस्ती में नालों की सफाई भी कराई गई।
नगर निगम ने भविष्य में जलभराव की समस्या से स्थायी समाधान के लिए सिगरा बिग बाजार के पास तथा गांधी नगर (सिगरा) में नई नालियों के निर्माण का निर्णय लिया है। अधिकारियों का कहना है कि इससे बरसात के दौरान इन क्षेत्रों की जल निकासी व्यवस्था और बेहतर होगी।

नगर आयुक्त हिमांशु नागपाल ने कहा कि तेज बारिश के कारण कुछ स्थानों पर अल्प समय के लिए जलभराव हुआ था, लेकिन नगर निगम की त्वरित कार्रवाई से स्थिति शीघ्र सामान्य कर दी गई। उन्होंने बताया कि सीवर और बड़े नालों की नियमित सफाई के चलते इस बार शहर में कहीं भी लंबे समय तक जलभराव की स्थिति नहीं बनी।
