गाजीपुर
एक चौपाई में समाहित है संपूर्ण रामचरितमानस का सार : दुर्गेश कुमार पांडेय
रामकथा वाचक ने बताया बालकांड की चौपाई का आध्यात्मिक महत्व
भांवरकोल (गाजीपुर)। प्रसिद्ध रामकथा वाचक दुर्गेश कुमार पांडेय ने कहा कि गोस्वामी तुलसीदास द्वारा रचित रामचरितमानस केवल एक धार्मिक ग्रंथ नहीं, बल्कि मानव जीवन को धर्म, मर्यादा और भक्ति का मार्ग दिखाने वाला दिव्य ग्रंथ है। उन्होंने कहा कि मानस की प्रत्येक चौपाई अपने आप में पूर्ण है, लेकिन बालकांड की एक चौपाई संपूर्ण रामचरितमानस का सार प्रस्तुत करती है।
सातों कांडों का संदेश समेटे है यह चौपाई
उन्होंने बताया कि चौपाई—
“गई बहोरि गरीब नेवाजू। सरल सबल साहिब रघुराजू॥”
में रामचरितमानस के सातों कांडों का भाव निहित है।
उनके अनुसार, ‘गई बहोरि’ अहिल्या उद्धार (बालकांड), ‘गरीब नेवाजू’ अयोध्याकांड में प्रभु की करुणा, ‘सरल’ अरण्यकांड में भगवान के सहज स्वरूप, ‘सबल’ किष्किंधाकांड में बाली वध और प्रभु की शक्ति, ‘साहिब’ सुंदरकांड में शरणागतों पर कृपा, ‘रघु’ लंकाकांड में धर्म की विजय तथा ‘राजू’ उत्तरकांड में आदर्श रामराज्य का प्रतीक है।
नित्य जप से मिलती है आत्मिक शांति
दुर्गेश कुमार पांडेय ने कहा कि इस चौपाई का श्रद्धा और नियमितता के साथ जप करने से मन को आत्मिक शांति, सकारात्मक ऊर्जा तथा भगवान श्रीराम की विशेष कृपा प्राप्त होती है। उन्होंने श्रद्धालुओं से रामचरितमानस के नियमित पाठ और श्रीराम के आदर्शों को जीवन में अपनाने का आह्वान किया।
