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धर्म-कर्म

1 फरवरी को मनेगी मौनी अमावस्या

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माघ मास की अमावस्या को मौनी अमावस्या कहा जाता है। इस बार मौनी अमावस्या 1 फरवरी 2022 को आ रही है। इस दिन मंगलवार का संयोग होने से यह भौमवती अमावस्या भी हो गई है। साथ ही इस दिन प्रात: 11 बजकर 15 मिनट तक महोदय नामक अति पुण्यदायक योग भी बन रहा है। इस योग में आने वाली अमावस्या के दिन तीर्थस्थलों की पवित्र नदियों में स्नान, पूजन, दान-पुण्य आदि करने से अमोघ फल प्रदान होता है। चूंकि यह अमावस्या मंगलवार के दिन आ रही है इसलिए आर्थिक परेशानियों से मुक्ति के लिए इस अमावस्या के दिन अनेक उपाय किए जाते हैं।

जैसा किनाम से ही ज्ञात होता है मौनी अर्थात् मौन। इस अमावस्या के दिन मौन रहकर व्रत-पूजन किया जाता है। मौन रहकर भगवद्भक्ति करने से मनुष्य की आंतरिक ऊर्जा में वृद्धि होती है। सत्कर्मो का उदय होता है और अंत:करण का शुद्धिकरण होता है। शास्त्रीय मान्यताओं के अनुसार इस दिन सृष्टि के संचालक मनु का जन्म हुआ था इसलिए भी इसे मौनी अमावस्या कहा जाता है।

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4 घंटे 4 मिनट रहेगा अति पुण्यदायक महोदय योग

1 फरवरी को सूर्योदय प्रात: 7.11 बजे से लेकर प्रात: 11 बजकर 15 मिनट तक अमावस्या तिथि, श्रवण नक्षत्र और व्यतिपात योग का संयोग होने से महोदय नाम का योग बन रहा है। यह योग कुल 4 घंटे 4 मिनट रहेगा। यह योग अति पुण्यदायक होता है। इस योग में किसी तीर्थस्थल पर जाकर स्नान, पूजन, दान-पुण्य करना एक करोड़ सूर्यग्रहण के समय किए गए दान के समान शुभ फल देता है। शास्त्रों का वचन है किमहोदय योग में सभी नदियों व सरोवर का जल गंगाजल के समान होता है। इस दिन मौनी भौमवती अमावस्या होने से प्रयागराज में स्नानादि करना महापुण्यप्रद है। गंगा के अलावा नर्मदा, क्षिप्रा, गोदावरी आदि पुण्य सलिला नदियों में स्नान करना चाहिए।

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