वाराणसी
पांच माह बाद भी नहीं मिली आरटीआई की सूचना, नगर निगम की कार्यप्रणाली पर उठे सवाल
पोर्टल पर सेवानिवृत्त अधिकारी का नाम दर्ज, आवेदकों को हो रही परेशानी
निर्धारित समय सीमा बीतने के बावजूद आवेदन ‘प्रक्रियाधीन’, पारदर्शिता पर प्रश्नचिह्न
वाराणसी। पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित करने के लिए लागू सूचना का अधिकार (आरटीआई) अधिनियम की व्यवस्था पर वाराणसी नगर निगम में सवाल खड़े हो रहे हैं। नगर निगम से मांगी गई एक सूचना पांच माह से अधिक समय बीत जाने के बाद भी उपलब्ध नहीं कराई गई है, जबकि आरटीआई पोर्टल पर दर्ज जानकारी भी वास्तविक स्थिति से मेल नहीं खा रही है।
उत्तर प्रदेश सरकार के आरटीआई पोर्टल पर दर्ज विवरण के अनुसार पंजीकरण संख्या एनजीएनवीआर/2026/60029 के तहत आवेदन 23 जनवरी 2026 को दाखिल किया गया था। पोर्टल पर इसकी स्थिति अभी भी “आवेदन प्रक्रियाधीन” दर्शाई जा रही है। आवेदन के लिए विनोद कुमार गुप्ता, अपर नगर आयुक्त को लोक सूचना अधिकारी (पीआईओ) तथा कृष्णा चंद्र को नोडल अधिकारी के रूप में दर्ज किया गया है।
आवेदक द्वारा पोर्टल पर उपलब्ध नोडल अधिकारी के मोबाइल नंबर पर संपर्क करने पर पता चला कि संबंधित अधिकारी काफी समय पहले सेवानिवृत्त हो चुके हैं और उनका इस कार्य से कोई संबंध नहीं है। इसके बाद यह सवाल उठने लगा है कि सरकारी पोर्टल पर अब तक पुरानी और भ्रामक जानकारी क्यों प्रदर्शित की जा रही है।
आरटीआई कार्यकर्ताओं का कहना है कि पोर्टल पर अद्यतन जानकारी न होने से सूचना मांगने वाले लोगों को अनावश्यक परेशानियों का सामना करना पड़ता है। वहीं, आरटीआई अधिनियम के तहत निर्धारित समय सीमा के भीतर सूचना उपलब्ध न कराना भी कानून की भावना के विपरीत माना जा रहा है।
मामले को लेकर नगर निगम प्रशासन की कार्यप्रणाली पर प्रश्न उठ रहे हैं। सामाजिक कार्यकर्ताओं और आरटीआई से जुड़े लोगों ने मांग की है कि पोर्टल पर अधिकारियों की अद्यतन जानकारी तत्काल उपलब्ध कराई जाए तथा लंबित आरटीआई आवेदनों का शीघ्र निस्तारण सुनिश्चित किया जाए, ताकि आम नागरिकों का सूचना के अधिकार पर विश्वास बना रहे।
