मिर्ज़ापुर
सीएम डैशबोर्ड में बी और सी ग्रेड पाने वाले अधिकारियों पर डीएम सख्त
राजस्व वसूली की धीमी प्रगति पर जताई नाराजगी, कहा- अगले माह तक सुधार नहीं हुआ तो होगी कड़ी कार्रवाई
मीरजापुर। जिलाधिकारी पवन कुमार गंगवार ने शनिवार को कलेक्ट्रेट सभागार में कर एवं करेत्तर, राजस्व, चकबंदी तथा सीएम डैशबोर्ड राजस्व की समीक्षा बैठक में खराब प्रदर्शन करने वाले अधिकारियों पर कड़ा रुख अपनाया। उन्होंने स्पष्ट चेतावनी दी कि शासन की प्राथमिकता वाले कार्यों और जनहित से जुड़ी योजनाओं में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
बैठक में जब मुख्यमंत्री डैशबोर्ड पर विभिन्न विभागों की रैंकिंग की समीक्षा की गई तो कई विभागों के बी और सी श्रेणी में होने पर जिलाधिकारी ने नाराजगी व्यक्त की। उन्होंने संबंधित अधिकारियों को फटकार लगाते हुए कहा कि सीएम डैशबोर्ड की निगरानी सीधे मुख्यमंत्री कार्यालय से होती है।
जिलाधिकारी ने निर्देश दिए कि बी श्रेणी में शामिल अधिकारी इसे अंतिम चेतावनी मानते हुए अगले माह तक हर हाल में ए श्रेणी प्राप्त करें। वहीं सी श्रेणी वाले अधिकारियों की कार्यप्रणाली पर विशेष निगरानी रखी जाएगी। उन्होंने कहा कि यदि अगली समीक्षा तक सुधार नहीं हुआ तो संबंधित अधिकारियों के विरुद्ध कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
आईजीआरएस और जनसुनवाई के मामलों का हो गुणवत्तापूर्ण निस्तारण
डीएम ने निर्देश दिया कि आईजीआरएस, सम्पूर्ण समाधान दिवस, जनसुनवाई और राजस्व वादों के मामलों का निस्तारण केवल कागजों पर नहीं बल्कि फील्ड सत्यापन के साथ गुणवत्तापूर्ण ढंग से किया जाए। फर्जी निस्तारण पाए जाने पर संबंधित अधिकारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
राजस्व वसूली तेज करने के निर्देश
कर एवं करेत्तर की समीक्षा के दौरान आबकारी, स्टांप एवं निबंधन, वाणिज्य कर, परिवहन और विद्युत विभाग की प्रगति की समीक्षा करते हुए जिलाधिकारी ने वित्तीय वर्ष के राजस्व लक्ष्य को समय पर पूरा करने के निर्देश दिए। उन्होंने बड़े बकायेदारों की सूची तैयार कर आरसी के माध्यम से सख्ती से वसूली सुनिश्चित करने को कहा।
चकबंदी कार्यों में पारदर्शिता पर दिया जोर
चकबंदी विभाग की समीक्षा के दौरान जिलाधिकारी ने कहा कि गांवों में सबसे अधिक शिकायतें चकबंदी विवादों को लेकर आती हैं। उन्होंने सभी चकबंदी अधिकारियों और कानूनगो को गांवों में जाकर किसानों के बीच बैठकर विवादों का समाधान करने तथा चक आवंटन में पूरी पारदर्शिता बरतने के निर्देश दिए।
‘दफ्तरों से निकलकर जनता के बीच जाएं अधिकारी’
बैठक में जिलाधिकारी ने कहा कि अधिकारी दफ्तरों तक सीमित न रहें, बल्कि नियमित रूप से फील्ड में जाकर जनता से सीधे संवाद करें। उन्होंने कहा कि सरकार की मंशा है कि योजनाओं का लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुंचे और इसमें किसी भी स्तर पर लापरवाही स्वीकार नहीं की जाएगी।
बैठक में अपर जिलाधिकारी (वि./रा.) विनोद सिंह, उप जिलाधिकारी सदर महेंद्र सिंह, चुनार के उप जिलाधिकारी अनेग सिंह, लालगंज के उप जिलाधिकारी अजीत कुमार, मड़िहान के उप जिलाधिकारी संतोष कुमार ओझा, बंदोबस्त अधिकारी, तहसीलदार तथा विभिन्न विभागों के जिला स्तरीय अधिकारी उपस्थित रहे।
