गोरखपुर
AIHRO गोरखपुर जिला और महानगर कार्यकारिणी का होगा पुनर्गठन
पद के दावेदारों के लिए सदस्य विस्तार की शर्त, जिला स्तर पर 10 और महानगर में 5 सक्रिय सदस्य जरूरी
राष्ट्रीय अध्यक्ष पन्ने लाल यादव ने संगठन मजबूत करने और जनसेवा बढ़ाने पर दिया जोर
गोरखपुर। आल इंडिया ह्यूमन राइट्स आर्गनाइजेशन (AIHRO) ने गोरखपुर जिला एवं महानगर कार्यकारिणी के पुनर्गठन को लेकर संगठनात्मक मानक तय कर दिए हैं। संगठन ने स्पष्ट किया है कि पद के साथ जिम्मेदारी और सक्रिय सहभागिता को प्राथमिकता दी जाएगी।
राष्ट्रीय कार्यालय गोरखपुर की ओर से जारी सूचना में कहा गया है कि संगठन का सिद्धांत “जिसकी जितनी जिम्मेदारी, उसकी उतनी हिस्सेदारी” के आधार पर कार्य करना है।
पद के लिए सदस्य संख्या तय
नई कार्यकारिणी में पद के लिए आवेदन करने वाले पदाधिकारियों के लिए सदस्य संख्या की अनिवार्यता निर्धारित की गई है।
गोरखपुर जिला कार्यकारिणी में किसी भी पद के लिए आवेदन करने वाले पदाधिकारी के साथ कम से कम 10 सक्रिय एवं सत्यापित सदस्य होना आवश्यक होगा। वहीं, महानगर कार्यकारिणी में पद के इच्छुक पदाधिकारी के साथ कम से कम 5 सक्रिय एवं सत्यापित सदस्य अनिवार्य होंगे।
सक्रियता और जनसेवा के आधार पर होगा चयन
संगठन ने कहा कि केवल पद प्राप्त करना उद्देश्य नहीं है, बल्कि संगठन का विस्तार करना, नए सदस्यों को जोड़ना, मानव अधिकारों के प्रति जागरूकता फैलाना और जनसेवा के कार्यों में सक्रिय भागीदारी ही वास्तविक नेतृत्व की पहचान है।
नई कार्यकारिणी का गठन संगठनात्मक सक्रियता, सदस्य विस्तार, अनुशासन, जनहित कार्यों में सहभागिता और कार्य क्षमता की समीक्षा के आधार पर किया जाएगा।
AIHRO के राष्ट्रीय अध्यक्ष श्री पन्ने लाल यादव ने सभी इच्छुक पदाधिकारियों से सदस्यता अभियान को तेज करने और अपने-अपने क्षेत्रों में संगठन को मजबूत बनाने का आह्वान किया है। उन्होंने कहा कि मजबूत संगठन ही मानव अधिकारों की प्रभावी आवाज बन सकता है।
