मिर्ज़ापुर
जीडी बिनानी पीजी कॉलेज में विधिक जागरूकता कार्यक्रम आयोजित
छात्राओं को महिला अधिकार, बाल संरक्षण कानून और सरकारी योजनाओं की दी गई जानकारी
जिला विधिक सेवा प्राधिकरण व प्रोबेशन विभाग की पहल, निःशुल्क सेनेटरी पैड भी वितरित
मीरजापुर। उत्तर प्रदेश राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण, लखनऊ की कार्ययोजना 2026-27 के तहत जिला विधिक सेवा प्राधिकरण एवं जिला प्रोबेशन विभाग के संयुक्त तत्वावधान में जी.डी. बिनानी पी.जी. कॉलेज, भरूहना में विधिक साक्षरता एवं जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का शुभारंभ जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के सचिव आनन्द कुमार-द्वितीय ने मां सरस्वती की प्रतिमा पर माल्यार्पण एवं दीप प्रज्ज्वलन कर किया।
कार्यक्रम का उद्देश्य छात्राओं एवं महिलाओं को उनके संवैधानिक और विधिक अधिकारों के प्रति जागरूक करना था। इस दौरान ‘बेटी बचाओ’, महिला सशक्तिकरण योजनाएं, बाल संरक्षण, बच्चों के अनुकूल कानूनी सेवाएं तथा महिला सुरक्षा संबंधी कानूनों की विस्तृत जानकारी दी गई।
सचिव आनन्द कुमार-द्वितीय ने कहा कि महिलाओं और बालिकाओं को सुरक्षित, सम्मानजनक एवं भयमुक्त वातावरण उपलब्ध कराना समाज और कानून दोनों की जिम्मेदारी है। उन्होंने कहा कि भारतीय बेटियां आज विज्ञान, खेल, सेना, प्रशासन, चिकित्सा और अंतरिक्ष सहित हर क्षेत्र में देश का नाम रोशन कर रही हैं। उन्होंने महिलाओं को निःशुल्क विधिक सहायता, स्थायी लोक अदालत और मध्यस्थता केंद्र के माध्यम से विवादों के त्वरित निस्तारण की सुविधाओं की भी जानकारी दी।
कार्यक्रम में जिला प्रोबेशन विभाग की ओर से महिला कल्याण विभाग की विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं की जानकारी दी गई तथा छात्राओं और महिलाओं को निःशुल्क सेनेटरी पैड वितरित किए गए।
कॉलेज के कार्यवाहक प्राचार्य प्रो. राजमोहन शर्मा ने महिलाओं के सम्मान, समानता और शिक्षा के महत्व पर बल देते हुए कहा कि समाज से लैंगिक भेदभाव और बाल विवाह जैसी कुप्रथाओं को समाप्त करने के लिए सभी को जागरूक होना होगा।
कार्यक्रम का संचालन श्रीमती मंजू यादव (डीएमसी, महिला कल्याण विभाग) ने किया। इस अवसर पर प्रो. अत्रेयी आद्या चटर्जी, पूजा मौर्या (वन स्टॉप सेंटर), शालिनी देवी (हब फॉर एम्पावरमेंट ऑफ वीमेन), सुनील सोनी (वरिष्ठ लिपिक), पीएलवी जय प्रकाश सरोज सहित जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, महिला कल्याण विभाग के अधिकारी-कर्मचारी एवं आंगनबाड़ी कार्यकर्त्रियां उपस्थित रहीं।
कार्यक्रम के अंत में प्रतिभागियों से महिलाओं के अधिकारों और विधिक सेवाओं की जानकारी समाज के अधिक से अधिक लोगों तक पहुंचाने का आह्वान किया गया।
