गाजीपुर
व्यापारी पुत्र पर जानलेवा हमले में कार्रवाई न होने से व्यापारियों में आक्रोश
एक सप्ताह बाद भी मुकदमा दर्ज नहीं, व्यापार मंडल ने थानाध्यक्ष से मिलकर उठाई कड़ी कार्रवाई की मांग
पीड़ित का ब्रेन ऑपरेशन, आरोपियों पर धमकी देने का आरोप; पुलिस ने निष्पक्ष जांच का दिया आश्वासन
दुल्लहपुर (गाजीपुर)। दुल्लहपुर के प्रतिष्ठित व्यवसायी अजय शर्मा के नाबालिग पुत्र आयुष शर्मा पर हुए कथित जानलेवा हमले के एक सप्ताह बाद भी आरोपियों के विरुद्ध मुकदमा दर्ज न होने और कोई ठोस कार्रवाई नहीं होने पर व्यापार मंडल ने नाराजगी जताई है। बुधवार को व्यापार मंडल के प्रतिनिधिमंडल ने दुल्लहपुर थानाध्यक्ष संतोष कुमार राय से मुलाकात कर दोषियों के खिलाफ तत्काल मुकदमा दर्ज कर कठोर कार्रवाई की मांग की।
प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व समाजसेवी डॉ. रामबृक्ष सिंह यादव ने किया। इस दौरान व्यापार मंडल अध्यक्ष राजेश मद्धेशिया, विधानसभा अध्यक्ष अजय साहू, सचिव सुरेश साहू, पूर्व प्रधान पारसनाथ गुप्ता तथा पीड़ित के पिता अजय शर्मा भी मौजूद रहे।
व्यापार मंडल के अनुसार घटना करीब एक सप्ताह पूर्व रात लगभग आठ बजे हुई, जब आयुष शर्मा दुकान बंद कर घर लौट रहा था। आरोप है कि रास्ते में पहले से घात लगाए बैठे तीन लोगों ने उसे घेरकर हमला कर गंभीर रूप से घायल कर दिया। व्यापार मंडल का आरोप है कि आरोपी दबंग प्रवृत्ति के हैं और क्षेत्र में पहले भी विवादों में शामिल रहे हैं, लेकिन अब तक उनके खिलाफ कोई प्रभावी कानूनी कार्रवाई नहीं की गई।
गंभीर रूप से घायल आयुष शर्मा का उपचार मऊ के एक निजी अस्पताल में चल रहा है। परिजनों के मुताबिक सिर में गंभीर चोट लगने के कारण उसका ब्रेन ऑपरेशन करना पड़ा। इलाज पर लाखों रुपये खर्च हो चुके हैं, जिससे परिवार आर्थिक और मानसिक रूप से परेशान है।
व्यापार मंडल ने यह भी आरोप लगाया कि हमलावर खुलेआम घूम रहे हैं और पीड़ित परिवार को धमकियां दे रहे हैं, जिससे व्यापारियों में भय का माहौल है। विधानसभा अध्यक्ष अजय साहू ने कहा कि यदि ऐसी गंभीर घटनाओं में भी समय पर कार्रवाई नहीं होगी तो व्यापारियों की सुरक्षा पर सवाल खड़े होंगे।
व्यापार मंडल अध्यक्ष राजेश मद्धेशिया ने चेतावनी दी कि यदि जल्द ही आरोपियों के खिलाफ कठोर कार्रवाई नहीं हुई तो प्रतिनिधिमंडल जिले के वरिष्ठ अधिकारियों से मिलकर आंदोलनात्मक कदम उठाएगा।
वहीं, दुल्लहपुर थानाध्यक्ष संतोष कुमार राय ने बताया कि घटना के समय घायल की स्थिति गंभीर होने के कारण प्राथमिकता उसका उपचार कराना था। अब मामले की जांच की जा रही है और जांच में जो भी दोषी पाए जाएंगे, उनके विरुद्ध नियमानुसार कठोर कार्रवाई की जाएगी।
