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गाजीपुर

झमाझम बारिश से किसानों के खिले चेहरे, भांवरकोल में धान की रोपाई ने पकड़ी रफ्तार

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सूखे से मिली राहत, खेतों में लौटी रौनक; किसानों को बंपर उत्पादन की उम्मीद

ट्रैक्टरों की गूंज और रोपाई में जुटीं महिलाएं, कृषि मजदूरों की मांग भी बढ़ी

गाजीपुर (भांवरकोल)। भीषण गर्मी और लंबे इंतजार के बाद हुई झमाझम बारिश ने किसानों के चेहरों पर मुस्कान लौटा दी है। गुरुवार सुबह से हो रही बारिश के बाद सूखे पड़े खेतों में पानी भर गया, जिससे भांवरकोल क्षेत्र में धान की रोपाई का कार्य तेजी से शुरू हो गया है।

बारिश के बाद अमवा, शेरपुर, मछटी, सुकड़ेहरी, बाठा, कनुवान समेत आसपास के गांवों के खेतों में फिर से रौनक लौट आई है। किसान, महिलाएं और कृषि मजदूर सुबह से ही रोपाई में जुट गए हैं। कहीं ट्रैक्टरों से खेतों को कदो (समतल) किया जा रहा है तो कहीं पारंपरिक लोकगीतों के बीच महिलाएं उत्साह के साथ धान की पौध रोप रही हैं।

महंगे डीजल और सूखे की चिंता हुई दूर

स्थानीय किसानों का कहना है कि समय पर हुई बारिश ने उनकी बड़ी चिंता दूर कर दी है। किसान पारस पांडे ने बताया कि यदि दो-चार दिन और बारिश नहीं होती तो धान की नर्सरी सूखने लगती। पंपिंग सेट से सिंचाई करना महंगा पड़ रहा था, जिससे खेती की लागत लगातार बढ़ रही थी। प्राकृतिक बारिश ने किसानों को बड़ी राहत दी है।

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मजदूरों की बढ़ी मांग, बंपर पैदावार की उम्मीद

एक साथ बड़े पैमाने पर धान की रोपाई शुरू होने से कृषि मजदूरों की मांग भी बढ़ गई है। समय पर रोपाई पूरी करने के लिए किसान परिवारों के सदस्य भी खेतों में काम कर रहे हैं।

कृषि विशेषज्ञों का मानना है कि यह बारिश धान की फसल के लिए बेहद लाभदायक है। यदि आने वाले दिनों में भी मौसम अनुकूल बना रहा तो इस वर्ष भांवरकोल क्षेत्र में धान की बंपर पैदावार होने की उम्मीद है।

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