गाजीपुर
हाजीपुर-भाला खुर्द मार्ग बदहाल, ग्रामीणों ने 20 जुलाई से आंदोलन की दी चेतावनी
हाजीपुर-भाला खुर्द मार्ग बदहाल, ग्रामीणों ने 20 जुलाई से आंदोलन की दी चेतावनी
सड़क पर जलभराव और गड्ढों से आवागमन ठप, जनप्रतिनिधियों पर उपेक्षा का आरोप
समाजसेवी नवीन चौहान बोले- मरम्मत नहीं हुई तो धरना, प्रदर्शन और अनशन होगा
गाजीपुर (बहरियाबाद)। सैदपुर-चिरैयाकोट मुख्य मार्ग से हाजीपुर बाजार होते हुए भाला खुर्द जाने वाली पीडब्ल्यूडी सड़क बदहाल स्थिति में पहुंच गई है। जगह-जगह गहरे गड्ढों और जलभराव के कारण राहगीरों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। ग्रामीणों ने सड़क की दुर्दशा के लिए जनप्रतिनिधियों और संबंधित विभाग की उदासीनता को जिम्मेदार ठहराते हुए 20 जुलाई से उग्र आंदोलन की चेतावनी दी है।

ग्रामीणों का कहना है कि बरसात शुरू होते ही सड़क पर करीब 500 मीटर तक पानी भर जाता है। जल निकासी की समुचित व्यवस्था नहीं होने से दोपहिया, तिपहिया और पैदल चलने वाले लोगों के लिए इस मार्ग से गुजरना जोखिम भरा हो गया है। आए दिन लोग गड्ढों में गिरकर घायल हो रहे हैं और कई बार वाहन पलटने की घटनाएं भी सामने आ चुकी हैं।
स्कूली बच्चों और ग्रामीणों को सबसे अधिक परेशानी
हाजीपुर-भाला खुर्द-सरसौली मार्ग से दर्जनों गांवों के लोग आवागमन करते हैं। क्षेत्र में कई विद्यालय होने के कारण छात्र-छात्राओं के लिए यही प्रमुख मार्ग है। खराब सड़क के चलते बरसात में लोगों को मजबूरी में वैकल्पिक कच्चे रास्तों का सहारा लेना पड़ रहा है।
ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि ग्राम प्रधान, जिला पंचायत सदस्य, ब्लॉक प्रमुख, विधायक और सांसद से कई बार सड़क निर्माण और मरम्मत की मांग की गई, लेकिन अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई।
नाली निर्माण भी अधूरा, 20 जुलाई से आंदोलन की चेतावनी
समाजसेवी नवीन चौहान ने बताया कि सड़क की मरम्मत और जल निकासी की व्यवस्था को लेकर जखनियां उपजिलाधिकारी सहित लोक निर्माण विभाग के अधिकारियों को कई बार ज्ञापन दिया गया, लेकिन आश्वासन के बावजूद कोई कार्रवाई नहीं हुई।
उन्होंने आरोप लगाया कि करीब दो वर्ष पहले जिला पंचायत की ओर से हाजीपुर बाजार में नाली निर्माण का कार्य अधूरा छोड़ दिया गया। साथ ही नाली सड़क से ऊंची बना दी गई, जिससे सड़क का पानी उसमें नहीं जा पाता और पूरे बाजार में जलभराव की स्थिति बनी रहती है।
ग्रामीणों ने चेतावनी दी है कि यदि 20 जुलाई तक सड़क की मरम्मत और जल निकासी की व्यवस्था नहीं की गई तो समाजसेवी नवीन चौहान के नेतृत्व में धरना, प्रदर्शन और अनशन शुरू किया जाएगा।
सड़क पर जलभराव और गड्ढों से आवागमन ठप, जनप्रतिनिधियों पर उपेक्षा का आरोप
समाजसेवी नवीन चौहान बोले- मरम्मत नहीं हुई तो धरना, प्रदर्शन और अनशन होगा
गाजीपुर (बहरियाबाद)। सैदपुर-चिरैयाकोट मुख्य मार्ग से हाजीपुर बाजार होते हुए भाला खुर्द जाने वाली पीडब्ल्यूडी सड़क बदहाल स्थिति में पहुंच गई है। जगह-जगह गहरे गड्ढों और जलभराव के कारण राहगीरों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। ग्रामीणों ने सड़क की दुर्दशा के लिए जनप्रतिनिधियों और संबंधित विभाग की उदासीनता को जिम्मेदार ठहराते हुए 20 जुलाई से उग्र आंदोलन की चेतावनी दी है।
ग्रामीणों का कहना है कि बरसात शुरू होते ही सड़क पर करीब 500 मीटर तक पानी भर जाता है। जल निकासी की समुचित व्यवस्था नहीं होने से दोपहिया, तिपहिया और पैदल चलने वाले लोगों के लिए इस मार्ग से गुजरना जोखिम भरा हो गया है। आए दिन लोग गड्ढों में गिरकर घायल हो रहे हैं और कई बार वाहन पलटने की घटनाएं भी सामने आ चुकी हैं।
स्कूली बच्चों और ग्रामीणों को सबसे अधिक परेशानी
हाजीपुर-भाला खुर्द-सरसौली मार्ग से दर्जनों गांवों के लोग आवागमन करते हैं। क्षेत्र में कई विद्यालय होने के कारण छात्र-छात्राओं के लिए यही प्रमुख मार्ग है। खराब सड़क के चलते बरसात में लोगों को मजबूरी में वैकल्पिक कच्चे रास्तों का सहारा लेना पड़ रहा है।
ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि ग्राम प्रधान, जिला पंचायत सदस्य, ब्लॉक प्रमुख, विधायक और सांसद से कई बार सड़क निर्माण और मरम्मत की मांग की गई, लेकिन अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई।
नाली निर्माण भी अधूरा, 20 जुलाई से आंदोलन की चेतावनी
समाजसेवी नवीन चौहान ने बताया कि सड़क की मरम्मत और जल निकासी की व्यवस्था को लेकर जखनियां उपजिलाधिकारी सहित लोक निर्माण विभाग के अधिकारियों को कई बार ज्ञापन दिया गया, लेकिन आश्वासन के बावजूद कोई कार्रवाई नहीं हुई।
उन्होंने आरोप लगाया कि करीब दो वर्ष पहले जिला पंचायत की ओर से हाजीपुर बाजार में नाली निर्माण का कार्य अधूरा छोड़ दिया गया। साथ ही नाली सड़क से ऊंची बना दी गई, जिससे सड़क का पानी उसमें नहीं जा पाता और पूरे बाजार में जलभराव की स्थिति बनी रहती है।
ग्रामीणों ने चेतावनी दी है कि यदि 20 जुलाई तक सड़क की मरम्मत और जल निकासी की व्यवस्था नहीं की गई तो समाजसेवी नवीन चौहान के नेतृत्व में धरना, प्रदर्शन और अनशन शुरू किया जाएगा।
