जौनपुर
जौनपुर में गूंजा “संसद चलो आंदोलन”, पेपर लीक के विरोध में सामाजिक कार्यकर्ताओं ने किया उपवास
कलेक्ट्रेट परिसर में प्रदर्शन कर शिक्षा नीति और युवाओं के मुद्दों पर उठाई आवाज
प्रदर्शनकारियों ने शिक्षा व्यवस्था में सुधार और छात्रों के हितों की रक्षा की मांग की
जौनपुर। लद्दाख के प्रसिद्ध शिक्षाविद एवं सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक के आह्वान पर दिल्ली में आयोजित “संसद चलो आंदोलन” के समर्थन में सोमवार को जौनपुर कलेक्ट्रेट मुख्यालय पर सामाजिक कार्यकर्ताओं ने एक दिवसीय उपवास और प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारियों ने पेपर लीक मामलों के विरोध में आवाज उठाते हुए शिक्षा व्यवस्था में सुधार और युवाओं के हितों की रक्षा की मांग की।
केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के खिलाफ प्रस्तावित आंदोलन के समर्थन में आयोजित इस कार्यक्रम में विभिन्न सामाजिक और राजनीतिक संगठनों से जुड़े लोग शामिल हुए। प्रदर्शन के दौरान सरकार से युवाओं की समस्याओं पर गंभीरता से विचार करने की मांग की गई।
शिक्षा और रोजगार को बताया सबसे बड़ा मुद्दा
“मेरा गांव मेरी जिम्मेदारी” के संस्थापक प्रदीप मिश्रा ने कहा कि वर्तमान समय में शिक्षा और रोजगार सबसे बड़ी चुनौतियां हैं। उन्होंने कहा कि सरकार को युवाओं की आवाज सुननी होगी और शिक्षा व्यवस्था में आवश्यक बदलाव करने होंगे।
आम आदमी पार्टी के पूर्वांचल प्रांत प्रभारी डॉ. अनुराग मिश्रा ने कहा कि देश की शिक्षा नीति पर व्यापक चर्चा की आवश्यकता है। उन्होंने सोनम वांगचुक के आंदोलन को जनभावनाओं से जुड़ा बताते हुए समर्थन किया।
शिक्षा को व्यवसाय बनने से रोकने की उठी मांग
कॉमरेड जय प्रकाश सिंह ने कहा कि शिक्षा सभी का अधिकार है और इसे व्यवसाय नहीं बनने दिया जाएगा। गरीब बच्चों को भी बेहतर शिक्षा का अवसर मिलना चाहिए।
वरिष्ठ सपा नेता रतनाकर चौबे ने कहा कि छात्रों के भविष्य के साथ किसी भी प्रकार का खिलवाड़ बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। उन्होंने शिक्षा नीति पर पुनर्विचार की आवश्यकता बताई।
आप पार्टी व्यापार प्रकोष्ठ के प्रदेश उपाध्यक्ष हिंच नारायण तिवारी ने कहा कि शिक्षा की बढ़ती फीस से छोटे व्यापारी और आम जनता परेशान हैं। सरकार को इस दिशा में ठोस कदम उठाने चाहिए।
सैकड़ों कार्यकर्ताओं ने लिया हिस्सा
अखिल भारतीय हिंदू सेवा दल के प्रदेश संगठन मंत्री एवं समाजसेवी अतुल कुमार तिवारी ने कहा कि छात्र हित और राष्ट्रहित सर्वोपरि है। उन्होंने शिक्षा को राजनीति से ऊपर रखते हुए जनसमस्याओं के समाधान की मांग की।
आम आदमी पार्टी जिलाध्यक्ष रामरतन विश्वकर्मा ने कहा कि लोकतंत्र में जनता की आवाज को दबाया नहीं जा सकता। उन्होंने कहा कि युवाओं के मुद्दों को लेकर आंदोलन आगे भी जारी रहेगा।
प्रदर्शन में मेरा गांव मेरी जिम्मेदारी के संस्थापक प्रदीप मिश्रा, कॉमरेड जय प्रकाश सिंह, रतनाकर चौबे, रामरतन विश्वकर्मा, विजय सिंह बागी, विनोद प्रजापति, हिंच नारायण तिवारी, अतुल कुमार तिवारी, दीपक आर विश्वकर्मा, धीरज विश्वकर्मा, अमित यादव, शाहनवाज मंजूर, नीरज विश्वकर्मा सहित सैकड़ों सामाजिक कार्यकर्ता, अधिवक्ता और गणमान्य नागरिक मौजूद रहे।
