आजमगढ़
आमरण अनशन का असर: दत्तात्रेय धाम के सुंदरीकरण को शासन से मंजूरी, काम शुरू
निजामाबाद की लंबित समस्याओं को लेकर हुआ था धरना-प्रदर्शन, क्षेत्रवासियों ने जताई खुशी
निजामाबाद (आजमगढ़)। क्षेत्र की वर्षों से लंबित मूलभूत समस्याओं को लेकर किए गए धरना-प्रदर्शन और आमरण अनशन का असर अब दिखाई देने लगा है। लखनऊ शासन से भगवान श्री महर्षि दत्तात्रेय धाम मंदिर के सुंदरीकरण प्रस्ताव को मंजूरी मिलने के बाद कार्य शुरू हो गया है। इस निर्णय से क्षेत्रवासियों में खुशी का माहौल है।
गौरतलब है कि निजामाबाद क्षेत्र की जनता लंबे समय से जर्जर सड़कों, पेयजल, विद्युत एवं प्रकाश व्यवस्था, स्वच्छता तथा विश्वप्रसिद्ध ब्लैक पॉटरी कारीगरों की समस्याओं को लेकर परेशान है। इन समस्याओं के समाधान की मांग को लेकर सामाजिक कार्यकर्ता अरुण मिश्रा के नेतृत्व में 22 जून 2026 से डॉ. भीमराव अंबेडकर प्रतिमा, शेरपुर कुटी, निजामाबाद में धरना और आमरण अनशन शुरू किया गया था।
आंदोलन के दौरान प्रशासनिक अधिकारियों ने मौके पर पहुंचकर समस्याओं के शीघ्र समाधान का आश्वासन दिया था। अधिकारियों द्वारा जूस पिलाकर आमरण अनशन समाप्त कराया गया था। हालांकि क्षेत्रवासियों का कहना है कि कई मांगों पर अभी कार्रवाई बाकी है।
इन मांगों को लेकर उठाई गई थी आवाज
क्षेत्र की प्रमुख मांगों में भदुली-निजामाबाद और रानी की सराय-निजामाबाद मार्ग का चौड़ीकरण, ब्लैक पॉटरी कारीगरों के लिए स्थायी विपणन केंद्र, मां शीतला धाम एवं गुरुद्वारा साहिब मार्ग का निर्माण, तहसील परिसर में आरओ शीतल पेयजल संयंत्र और बेहतर विद्युत आपूर्ति शामिल हैं।
इसके अलावा सामुदायिक शौचालय, ऐतिहासिक धरोहरों के संरक्षण के लिए समिति का गठन, साहित्यकार अयोध्या सिंह उपाध्याय ‘हरिऔध’ की प्रतिमा स्थापना, निजामाबाद को मॉडल हेरिटेज टाउन के रूप में विकसित करने तथा निजामाबाद-तहबरपुर मार्ग को पूर्वांचल एक्सप्रेसवे से जोड़कर दत्तात्रेय धाम तक आवागमन सुगम बनाने की मांग भी की गई है।
प्रस्ताव को मिली शासन से मंजूरी
आंदोलन के बाद शासन को भेजे गए प्रस्तावों में से भगवान श्री दत्तात्रेय धाम मंदिर के सुंदरीकरण प्रस्ताव को मंजूरी मिल गई है। इसके बाद धाम के सुंदरीकरण का कार्य शुरू कर दिया गया है।
इस उपलब्धि पर भाजपा जिला उपाध्यक्ष आजमगढ़ अजय कुमार सिंह ने कहा कि अरुण मिश्रा के धरना-प्रदर्शन, आमरण अनशन और सार्थक प्रयासों से यह उपलब्धि संभव हुई है। उन्होंने इसे निजामाबाद की सांस्कृतिक चेतना की जीत बताया।
उन्होंने कहा कि भगवान महर्षि दत्तात्रेय की तपोस्थली होने के कारण इस धाम का विशेष धार्मिक महत्व है। सुंदरीकरण होने से श्रद्धालुओं को बेहतर सुविधाएं मिलने के साथ ही क्षेत्र में पर्यटन को भी बढ़ावा मिलेगा।
शेष मांगों पर भी कार्रवाई की उम्मीद
दत्तात्रेय धाम के सुंदरीकरण की मंजूरी का क्षेत्रीय जनता ने स्वागत किया है। लोगों ने उम्मीद जताई कि आंदोलन के दौरान उठाई गई शेष मांगों पर भी शासन और प्रशासन जल्द कार्रवाई करेगा। ग्रामीणों का कहना है कि यदि सभी मांगों का समयबद्ध तरीके से निस्तारण किया जाए तो निजामाबाद को वास्तव में मॉडल हेरिटेज टाउन के रूप में विकसित किया जा सकता है।
