चन्दौली
मां की पुण्यतिथि पर अनोखी पहल, वृद्धाश्रम में 80 बुजुर्गों के साथ मनाई पहली बरसी
डॉ. संजय कुमार ने बुजुर्गों को वस्त्र व भोजन कराया, बोले—मां-बाप में भगवान देखें
सकलडीहा (चन्दौली)। जनपद के मधुपुर स्थित वृद्धाश्रम में शनिवार को मानवता और संवेदना की मिसाल देखने को मिली। ग्राम सोगाई निवासी डॉ. संजय कुमार, इंचार्ज प्रधानाध्यापक पूर्व माध्यमिक विद्यालय खरखोली बरहनी, ने अपनी मां स्व. शांती देवी की प्रथम पुण्यतिथि वृद्धाश्रम में रह रहे 80 बुजुर्गों के साथ मनाई।
परिवार और शुभचिंतकों के साथ वृद्धाश्रम पहुंचे
डॉ. संजय कुमार अपने भाई-बहनों, इष्ट मित्रों और शुभचिंतकों के साथ वृद्धाश्रम पहुंचे। उन्होंने आश्रम में रहने वाले उन बुजुर्गों के साथ मां की पुण्यतिथि मनाई, जो विभिन्न परिस्थितियों में अपने परिवार से दूर होकर वृद्धाश्रम में जीवन बिता रहे हैं।
बुजुर्गों को वस्त्र और भोजन कराया
पुण्यतिथि के अवसर पर वृद्धाश्रम में रहने वाले सभी बुजुर्गों को वस्त्र भेंट किए गए। पुरुषों को गमछा और महिलाओं को साड़ी प्रदान की गई। इसके साथ ही सभी बुजुर्गों के लिए भोजन की व्यवस्था की गई। डॉ. संजय कुमार और उनके साथ पहुंचे लोगों ने बुजुर्गों के साथ बैठकर भोजन किया और उनका हालचाल जाना।
‘मां-बाप में देखें भगवान’
इस मौके पर डॉ. संजय कुमार ने समाज को भावुक संदेश देते हुए कहा कि मंदिर-मस्जिद में भगवान और अल्लाह को तलाशने से बेहतर है कि अपने मां-बाप में भगवान का स्वरूप देखें। उन्होंने कहा कि माता-पिता की महानता के आगे दुनिया की हर दौलत और उपलब्धि छोटी है।
उन्होंने हाथ जोड़कर लोगों से अपील की कि अपने माता-पिता को बुढ़ापे में अकेला न छोड़ें। उन्होंने कहा कि आज जिन माता-पिता की मेहनत और त्याग की बदौलत बच्चे समाज में सम्मानजनक स्थान पर पहुंचे हैं, वही बच्चे कई बार उम्र के आखिरी पड़ाव पर अपने माता-पिता को भूल जाते हैं।
बुजुर्गों के साथ बिताया समय
पुण्यतिथि के आयोजन के दौरान बुजुर्गों के साथ आत्मीयता से समय बिताया गया। इस पहल से वृद्धाश्रम में रहने वाले बुजुर्गों के बीच भी भावनात्मक माहौल देखने को मिला। कार्यक्रम का उद्देश्य केवल पुण्यतिथि मनाना नहीं, बल्कि समाज में माता-पिता के प्रति सम्मान और जिम्मेदारी का संदेश देना भी रहा।
इस अवसर पर त्रिलोक अध्यापक, रंजय सिंह, दीपक, स्वाति, आनंद कुमार मौर्य, शानू, रौनित, भानु प्रताप, सूर्य प्रताप, डॉ. चंद्रशेखर, सुरेश, मंजीरा, धनसीरा, सविता सहित परिवार के अन्य सदस्य और शुभचिंतक मौजूद रहे।
