मिर्ज़ापुर
तालाब में पलटने से बाल-बाल बची कार, पत्नी-बच्चों समेत सवार थे चालक
मझवा, मीरजापुर। विकासखंड मझवा क्षेत्र में जमुआ बाजार से हीरापुर होते हुए प्रधानमंत्री द्वारा गोद लिए गए गांव जयापुर को जोड़ने वाले संपर्क मार्ग पर शनिवार सुबह बड़ा हादसा होने से टल गया। पटेल बस्ती और पाल बस्ती के समीप तालाब के किनारे सड़क का आधा हिस्सा कटकर तालाब में चला गया है। इसी खतरनाक स्थान पर एक कार का अगला हिस्सा तालाब में जाने से उसमें सवार दंपती और उनके दो बच्चे बाल-बाल बच गए।
जानकारी के अनुसार शनिवार सुबह एक परिवार मारुति बलेनो कार से जयापुर की ओर से मिर्जामुराद, वाराणसी जा रहा था। कार में चालक के साथ उनकी पत्नी और दो बच्चे भी सवार थे। नजदीक और शॉर्टकट रास्ता होने के कारण परिवार इसी संपर्क मार्ग से होकर गुजर रहा था। पाल बस्ती के समीप सड़क का आधा हिस्सा तालाब में कट जाने के कारण रास्ता बेहद संकरा हो गया है।
इसी दौरान सामने से कोचिंग पढ़कर लौट रही कुछ बच्चियां आ गईं। उन्हें रास्ता देने के प्रयास में कार चालक ने वाहन को किनारे किया तो कार के अगले दोनों पहिए तालाब की ओर चले गए। स्थिति बिगड़ती देख चालक ने तत्काल हैंडब्रेक का इस्तेमाल किया, जिससे कार पूरी तरह तालाब में पलटने से बच गई। कार में सवार परिवार के लोग घबरा गए।
घटना की जानकारी मिलते ही आसपास के लोग और राहगीर मौके पर पहुंचे। करन गोंड़, अभिषेक सिंह, शिवम मिश्रा, चंद्रशेखर पाल, उमाशंकर, जय प्रकाश पाल, अरविंद समेत दर्जनों ग्रामीणों ने मिलकर काफी प्रयास किया और कार में सवार सभी लोगों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया। राहत की बात रही कि हादसे में किसी को चोट नहीं आई।
स्थानीय ग्रामीणों के मुताबिक इस संपर्क मार्ग से प्रतिदिन बड़ी संख्या में स्कूली बसों, चार पहिया वाहनों और मोटरसाइकिलों का आवागमन होता है। सड़क का हिस्सा तालाब में कट जाने से यहां आए दिन छोटी-बड़ी घटनाएं होती रहती हैं। इसके बावजूद संबंधित विभाग की ओर से अब तक स्थायी समाधान नहीं कराया गया है।
ग्रामीणों का आरोप है कि विभागीय अधिकारी कई बार मौके पर पहुंचकर सड़क की स्थिति का फोटो और नापी कर चुके हैं, लेकिन इसके बाद भी समस्या का समाधान नहीं हुआ। लोगों का कहना है कि सड़क की मरम्मत और तालाब की ओर सुरक्षा व्यवस्था नहीं किए जाने से कभी भी बड़ा हादसा हो सकता है।
स्थानीय लोगों ने संबंधित विभाग और प्रशासन से तत्काल मौके का निरीक्षण कर सड़क की मरम्मत कराने, तालाब की ओर सुरक्षा के इंतजाम करने और कटान को रोकने की मांग की है। ग्रामीणों का कहना है कि समय रहते कार्रवाई नहीं की गई तो किसी बड़े हादसे की जिम्मेदारी भी संबंधित विभाग की होगी।
