भदोही
रक्षा बंधन पर बहनों ने सजाई भाइयों की कलाई
ज्ञानपुर, भदोही। शुक्रवार को जनपद में रक्षाबंधन का पर्व उत्साह और उल्लास के साथ मनाया गया। बहनों ने भाइयों की कलाई सजाने के लिए रंग-बिरंगी और आकर्षक राखियां खरीदीं। सुबह से ही घरों में राखी बांधने की तैयारियां शुरू हो गई थीं।
राखी बांधने मायके पहुंचीं बहनें
जो बहनें अपने मायके में थीं, उन्होंने भाइयों की कलाई पर राखी बांधी। वहीं ससुराल में रहने वाली बहनें भी रक्षाबंधन के लिए किसी न किसी तरह अपने मायके पहुंचीं। कई भाई भी राखी बंधवाने के लिए बहनों के घर पहुंचे। इस दौरान परिवारों में खुशी और उत्साह का माहौल रहा।
प्रेम और विश्वास की अटूट डोर है राखी
रक्षाबंधन भाई-बहन के रिश्ते की अटूट डोर का प्रतीक है। भारतीय परंपरा का यह पर्व केवल भाई-बहन के स्नेह तक सीमित नहीं है, बल्कि सामाजिक रिश्तों में प्रेम, विश्वास और अपनत्व को मजबूत करने का संदेश भी देता है।
बदलते समय के साथ बढ़ा पर्व का दायरा
रक्षाबंधन को केवल भाई-बहन के रिश्ते तक सीमित नहीं माना जा सकता। आज गुरु-शिष्य, भाई-भाई, बहनों के बीच और मित्रों के बीच भी राखी बांधने की परंपरा देखने को मिलती है। माता-पिता और संतान के बीच भी यह पर्व जिम्मेदारी और विश्वास का प्रतीक बन सकता है।
जिम्मेदारियों का एहसास कराता है रक्षासूत्र
आज के दौर में राखी केवल किसी रिश्ते को स्वीकार करने का प्रतीक नहीं है, बल्कि यह श्रद्धा और विश्वास का धागा भी है। राखी बांधने वाला व्यक्ति जहां अपने स्नेह और विश्वास को व्यक्त करता है, वहीं राखी बंधवाने वाला उस रिश्ते से जुड़े दायित्वों को पूरी निष्ठा से निभाने का संकल्प लेता है।
सामाजिक कुरीतियों को दूर करने का संदेश
रक्षाबंधन का पर्व समाज में बढ़ती कई समस्याओं और सामाजिक कुरीतियों को दूर करने की प्रेरणा भी दे सकता है। खासकर बुजुर्ग माता-पिता की जिम्मेदारी को लेकर परिवारों में संवेदनशीलता बढ़ाने की जरूरत है। संतान यदि माता-पिता के प्रति अपने दायित्वों को समझे और जीवनभर उनका साथ निभाए तो उन्हें वृद्धाश्रम जैसी स्थिति का सामना नहीं करना पड़ेगा।
अपनत्व और प्यार से मजबूत होते हैं रिश्ते
रक्षाबंधन हमें रिश्तों को केवल परंपरा के रूप में नहीं, बल्कि प्रेम, विश्वास और जिम्मेदारी के साथ निभाने का संदेश देता है। इसलिए इस पर्व का महत्व भाई-बहन के रिश्ते से आगे बढ़कर पूरे समाज में अपनत्व और सद्भाव को मजबूत करने में है।
भारतीय संस्कृति की अलग पहचान है यह पर्व
रक्षाबंधन भारतीय संस्कृति की उस परंपरा का प्रतीक है, जिसमें रिश्तों को प्रेम और विश्वास के बंधन से जोड़ने की भावना दिखाई देती है। यही अपनत्व और जिम्मेदारी की भावना भारतीय संस्कृति को विशिष्ट पहचान देती है।
