मिर्ज़ापुर
ओझला कजरी निषाद मेले में करंट से भैंस की मौत
बिजली व्यवस्था पर उठे सवाल
नगर विधायक ने हरी झंडी दिखाकर किया मेले का शुभारंभ, नाव दौड़ और गोताखोरी प्रतियोगिता में दिखा रोमांच; मुआवजे की मांग
मिर्जापुर/विंध्याचल। ओझला पुल पर आयोजित कजरी निषाद मेला-2026 में बीती रात अस्थायी बिजली कनेक्शन से करंट उतरने के कारण एक भैंस की मौत हो गई। हादसे के बाद मेले की बिजली व्यवस्था और सुरक्षा इंतजामों को लेकर सवाल उठने लगे हैं। स्थानीय लोगों ने बिजली विभाग पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए पशु मालिक को मुआवजा देने की मांग की है।
जानकारी के अनुसार टिल्लू मौर्य की भैंस मेले में लगे अस्थायी बिजली कनेक्शन के मीटर बॉक्स से फैले करंट की चपेट में आ गई। बताया गया कि मीटर बॉक्स में करंट उतर रहा था। बारिश के पानी और कीचड़ के कारण करंट आसपास फैल गया, जिसकी चपेट में आने से भैंस की मौके पर ही मौत हो गई। घटना की सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची। हादसे के बाद मेले में कुछ देर के लिए अफरा-तफरी का माहौल रहा।
वहीं दूसरी ओर मेले का मुख्य आयोजन उत्साह और उमंग के साथ जारी रहा। नगर विधायक पं. रत्नाकर मिश्र ने हरी झंडी दिखाकर मेले का औपचारिक शुभारंभ किया। उन्होंने निषाद समाज की कजरी परंपरा को विंध्य क्षेत्र की सांस्कृतिक पहचान बताते हुए मेले को ऐतिहासिक धरोहर बताया।
शुभारंभ के बाद गंगा की लहरों पर नाव दौड़ प्रतियोगिता आयोजित हुई। नाविकों ने तेज धार के बीच शानदार प्रदर्शन किया। प्रतियोगिता देखने के लिए ओझला पुल और दोनों घाटों पर बड़ी संख्या में लोग जुटे। इसके बाद गोताखोरी और तैराकी प्रतियोगिता में युवाओं ने भी अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन किया।
मेले में कजरी गायन, लोकनृत्य और पारंपरिक झांकियां भी आकर्षण का केंद्र रहीं। आयोजन समिति के अनुसार मेला निषाद समाज की लोकपरंपरा, संस्कृति और गंगा-जमुनी विरासत को आगे बढ़ाने का माध्यम है।
हालांकि भैंस की मौत के बाद मेले में लगे सभी अस्थायी बिजली कनेक्शनों की जांच कराने और सुरक्षा व्यवस्था दुरुस्त करने की मांग तेज हो गई है। स्थानीय लोगों ने भविष्य में ऐसी घटना की पुनरावृत्ति रोकने के लिए प्रभावी कदम उठाने की मांग की है।
