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मिर्ज़ापुर

कजली महोत्सव में बिखरी मिर्जापुर की लोकसंस्कृति की छटा

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एक साथ 100 महिलाओं ने गाई ढुनमुनिया कजरी, कजली को विश्व पटल तक पहुंचाने का संकल्प

हर विद्यालय से एक बालिका को कजली प्रशिक्षण देने की पहल, लोक विरासत के संरक्षण पर जोर

मिर्जापुर। मिर्जापुर की समृद्ध लोक परंपरा और सांस्कृतिक पहचान कजली को समर्पित भव्य कजली महोत्सव का आयोजन रविवार को लायंस स्कूल सभागार में किया गया। लोकगीत, सांस्कृतिक प्रस्तुतियों और कलाकारों के सम्मान से सजे कार्यक्रम में कजली की मधुर स्वर-लहरियों ने पूरे सभागार को मंत्रमुग्ध कर दिया।

कार्यक्रम का शुभारंभ मां विंध्यवासिनी के चित्र पर माल्यार्पण एवं पूजन के साथ हुआ। मंचासीन अतिथियों को चुनरी ओढ़ाकर सम्मानित किया गया। पत्रकारों और कलाकारों को मां कज्जवला देवी की प्रतिमा एवं अंगवस्त्र भेंट किए गए।

100 महिलाओं ने गाई ढुनमुनिया कजरी

महोत्सव का मुख्य आकर्षण एक ही रंग के हरित परिधान में सजी करीब 100 महिलाओं की सामूहिक कजरी प्रस्तुति रही। महिलाओं ने एक साथ ढुनमुनिया कजरी गाकर लोक संस्कृति की मनमोहक छटा बिखेरी। पारंपरिक वेशभूषा और सामूहिक गायन ने मिर्जापुर की लोक विरासत का जीवंत स्वरूप प्रस्तुत किया।

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कजली को विश्व पटल तक पहुंचाने का संकल्प

मुख्य अतिथि एवं राज्य मंत्री दर्जा प्राप्त पिछड़ा आयोग के उपाध्यक्ष सोहनलाल माली ने कजली को मिर्जापुर की सांस्कृतिक पहचान बताते हुए इसके संरक्षण और संवर्धन पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि कजली को गांव की चौपालों से निकालकर राष्ट्रीय और विश्व पटल तक पहुंचाने के लिए हरसंभव प्रयास किए जाएंगे।

हर विद्यालय से एक बालिका को मिलेगा प्रशिक्षण

संस्कार भारती की जिलाध्यक्ष एवं पद्मश्री उर्मिला श्रीवास्तव ने कहा कि अगले वर्ष जनपद के सभी विद्यालयों से एक-एक बालिका को कजली से जोड़कर प्रशिक्षण देने की पहल की जाएगी। उन्होंने कहा कि नई पीढ़ी को लोक विधा से जोड़ना जरूरी है, ताकि कजली की परंपरा निरंतर आगे बढ़ती रहे।

कार्यक्रम संयोजक एवं संस्कार भारती काशी प्रांत के अध्यक्ष डॉ. गणेश अवस्थी ने कहा कि साहित्य, संगीत और कला व्यक्तित्व को परिपूर्ण करने के साथ सकारात्मक सोच विकसित करते हैं। भारतीय परंपरा में विभिन्न ऋतुओं और मांगलिक अवसरों पर गीत गाने की परंपरा प्राचीन काल से चली आ रही है।

कार्यक्रम को सफल बनाने में लायंस स्कूल के सीईओ विश्वनाथ अग्रवाल, स्वागताध्यक्ष शशांक टंडन, लायंस अध्यक्ष मनोज सैनी, सचिन प्रशांत अग्रवाल, सोमेश्वरपति त्रिपाठी, शिवलाल गुप्ता, राम नारायण यादव, सुरेश मौर्य, विजय दुबे, डॉ. संदीप श्रीवास्तव, डॉ. अरविंद अवस्थी और रितेश श्रीवास्तव सहित अन्य लोगों की भूमिका रही। बड़ी संख्या में कलाकार, पत्रकार और कजली प्रेमी मौजूद रहे। संचालन संस्कार भारती के जिला महामंत्री शिवराम शर्मा ने किया।

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