मिर्ज़ापुर
वन विभाग की 40 एकड़ जमीन पर अवैध कब्जे का आरोप
सेमरी जंगल में जेसीबी से पेड़ काटकर नींव की खोदाई का आरोप, ग्रामीणों ने कार्रवाई की मांग की
राजगढ़। सुकृत वन क्षेत्र के सेमरी जंगल में वन विभाग की करीब 40 एकड़ जमीन पर लगातार दो दिनों से अवैध कब्जे की कोशिश किए जाने का आरोप लगा है। ग्रामीणों के अनुसार, कथित अतिक्रमणकारी जेसीबी और बुलडोजर लगाकर जंगल की जमीन पर हरे-भरे पेड़ों की कटाई करा रहे हैं। इसके साथ ही जमीन पर बाउंड्री निर्माण के लिए गड्ढे और नींव की खोदाई भी कराई जा रही है। मामले की जानकारी होने के बावजूद वन विभाग की ओर से प्रभावी कार्रवाई नहीं किए जाने से ग्रामीणों में नाराजगी है।
सेमरी गांव के ग्रामीणों का कहना है कि संबंधित जमीन कई वर्षों से वन विभाग के अधीन है। जमीन के दोनों ओर जंगल, एक तरफ नदी और सामने चुनार-राजगढ़ संपर्क मार्ग है। ग्रामीणों के मुताबिक वन विभाग की ओर से पहले बोल्डर लगाकर जमीन का घेराव भी कराया गया था। इसके बावजूद पिछले दो दिनों से जेसीबी मशीन लगाकर जमीन पर कब्जे की कथित कोशिश की जा रही है।
पेड़ काटकर बाउंड्री निर्माण की तैयारी का आरोप
ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि अतिक्रमणकारी हरे-भरे पेड़ों को काटकर करीब 40 एकड़ वन भूमि पर बाउंड्री निर्माण की तैयारी कर रहे हैं। मौके पर विरोध करने पहुंचे ग्रामीणों को कथित रूप से जान से मारने की धमकी दिए जाने का भी आरोप लगाया गया है।
ग्रामीणों का कहना है कि वन क्षेत्र में मशीनों से लगातार काम किए जाने के बावजूद संबंधित विभाग के अधिकारी और कर्मचारी समय रहते मौके पर नहीं पहुंचे। इससे ग्रामीणों में वन विभाग की कार्यप्रणाली को लेकर सवाल उठ रहे हैं।
सरोज, जगन्नाथ, भोला, भूंवर, शिवबालक और रामनरेश समेत अन्य ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि वन विभाग के कर्मचारियों की कथित मिलीभगत से जंगल की जमीन पर कब्जा किया जा रहा है। हालांकि इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है।
कार्रवाई की मांग
ग्रामीणों ने प्रशासन और वन विभाग से मामले की तत्काल जांच कराने, वन भूमि की पैमाइश कराकर सीमांकन सुनिश्चित करने तथा अवैध कब्जे की कोशिश पर रोक लगाने की मांग की है। साथ ही काटे गए पेड़ों की जांच कर जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कार्रवाई की मांग भी की गई है।
ग्रामीणों का कहना है कि एक ओर सरकार बड़े पैमाने पर पौधारोपण और वन संरक्षण पर जोर दे रही है, वहीं दूसरी ओर यदि वन भूमि पर अतिक्रमण और पेड़ों की कटाई के आरोप सही हैं तो यह गंभीर मामला है। उन्होंने प्रशासन से वन क्षेत्र की सुरक्षा के लिए तत्काल प्रभावी कदम उठाने की मांग की है।
