भदोही
ललही छठ पर माताओं ने रखा व्रत, संतान की दीर्घायु की कामना
विधि-विधान से ललही माता का पूजन-अर्चन, शिव मंदिरों में उमड़ी श्रद्धालु महिलाओं की भीड़
हनुमानगढ़ी मंदिर पर दूसरे दिन भी लगा मेला, पुलिस प्रशासन और नगर पालिका ने संभाली व्यवस्था
गोपीगंज (भदोही)। नगर एवं ग्रामीण क्षेत्रों में बुधवार को लोकपर्व ललही छठ आस्था और विश्वास के साथ मनाया गया। माताओं ने संतान की लंबी आयु, सुख-समृद्धि और मंगलमय जीवन की कामना को लेकर व्रत रखा तथा विधि-विधान से पूजन-अर्चन किया।
गोपीगंज नगर के हनुमानगढ़ी, बाबा बड़े शिवधाम, सोनिया तालाब समेत विभिन्न शिव मंदिरों के परिसर में सुबह से ही व्रती महिलाओं की भीड़ जुटने लगी। महिलाओं ने ललही माता का पूजन कर संतान के स्वस्थ एवं दीर्घायु होने की कामना की। मंदिरों और आसपास के क्षेत्रों में पर्व को लेकर भक्तिमय माहौल बना रहा।
मान्यता है कि भाद्रपद मास के कृष्ण पक्ष की षष्ठी तिथि को हल षष्ठी का व्रत रखा जाता है। इसे हलछठ और ललही छठ के नाम से भी जाना जाता है। धार्मिक मान्यता के अनुसार इस दिन भगवान श्रीकृष्ण के बड़े भाई बलराम का जन्म हुआ था। महिलाएं संतान की लंबी आयु और परिवार की सुख-शांति की कामना से यह व्रत करती हैं।
व्रत के दौरान महिलाएं पवित्र मिट्टी की बेदी बनाकर उसमें गूलर, पलाश और कुश स्थापित करती हैं। इसके बाद विधि-विधान से पूजा कर बिना जुते खेत में पैदा होने वाले अनाज एवं खाद्य पदार्थ अर्पित किए जाते हैं। महुआ, भैंस का दूध, फंसही के चावल आदि का विशेष महत्व माना जाता है। इन्हीं सामग्री से व्रती महिलाएं व्रत का पारण करती हैं।
हनुमानगढ़ी मंदिर परिसर में दूसरे दिन भी ललही छठ पूजा के दौरान मेले का आयोजन हुआ। श्रद्धालुओं की भीड़ को देखते हुए पुलिस प्रशासन की ओर से सुरक्षा व्यवस्था की गई थी। वहीं नगर पालिका की ओर से मंदिर परिसर और आसपास विशेष साफ-सफाई कराई गई। मंदिर की व्यवस्थाओं की देखरेख में मंदिर प्रबंधन से जुड़े लोग जुटे रहे।
