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गाजीपुर

जन्माष्टमी की तैयारियां तेज, बारिश ने बढ़ाई आयोजकों की चिंता

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बहरियाबाद। श्रीकृष्ण जन्माष्टमी को लेकर बहरियाबाद और आसपास के क्षेत्रों में तैयारियां तेज हो गई हैं। जगह-जगह पंडाल सजाए जा रहे हैं और आयोजन समितियां भगवान श्रीकृष्ण के जन्मोत्सव को भव्य रूप देने में जुटी हैं। हालांकि, लगातार हो रही बारिश के कारण आयोजकों की चिंता बढ़ गई है। पंडाल और कार्यक्रम स्थल पर पानी भरने की आशंका से लोगों में निराशा भी है।

सनातन परंपरा के अनुसार, भगवान श्रीकृष्ण का जन्म भाद्रपद मास के कृष्ण पक्ष की अष्टमी तिथि को रोहिणी नक्षत्र में मध्यरात्रि के समय मथुरा के कारागार में हुआ था। मान्यता है कि भगवान विष्णु ने अधर्म और अत्याचार का अंत करने के लिए श्रीकृष्ण के रूप में आठवां अवतार लिया।

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पौराणिक कथा के अनुसार, मथुरा के राजा कंस को आकाशवाणी से ज्ञात हुआ था कि उसकी बहन देवकी की आठवीं संतान उसका वध करेगी। इसके बाद कंस ने देवकी और वसुदेव को कारागार में बंद कर दिया। श्रीकृष्ण के जन्म के बाद वसुदेव उन्हें यमुना पार कर गोकुल ले गए, जहां नंद बाबा और यशोदा ने उनका पालन-पोषण किया।

बाद में श्रीकृष्ण ने मथुरा लौटकर कंस का वध किया और अपने माता-पिता को कारागार से मुक्त कराया। जन्माष्टमी पर श्रद्धालु व्रत रखते हैं और मध्यरात्रि में श्रीकृष्ण के जन्म का उत्सव मनाते हैं। मंदिरों में बाल गोपाल का अभिषेक, आरती और माखन-मिश्री का भोग लगाया जाता है।

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