जौनपुर
राहुल गांधी की हिरासत के विरोध में कांग्रेस का सत्याग्रह
जौनपुर में महात्मा गांधी प्रतिमा के समक्ष प्रदर्शन, केंद्र सरकार पर विपक्ष की आवाज दबाने का आरोप
कांग्रेस नेताओं ने लोकतांत्रिक अधिकारों के हनन का लगाया आरोप, कई पदाधिकारियों को नजरबंद किए जाने का भी दावा
जौनपुर। नई दिल्ली में प्रधानमंत्री आवास के निकट कांग्रेस नेता एवं लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी को हिरासत में लिए जाने के विरोध में बुधवार को जौनपुर में कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने सत्याग्रह कर विरोध प्रदर्शन किया। शहर स्थित राष्ट्रपिता महात्मा गांधी की प्रतिमा के समक्ष आयोजित कार्यक्रम में पार्टी नेताओं और कार्यकर्ताओं ने केंद्र सरकार के खिलाफ नारेबाजी करते हुए इसे लोकतांत्रिक अधिकारों का दमन बताया।
सत्याग्रह सभा को संबोधित करते हुए प्रदेश सचिव सत्यवीर सिंह ने आरोप लगाया कि पेपर लीक जैसे मुद्दों पर आवाज उठाने वाले युवाओं पर लाठीचार्ज और विपक्षी नेताओं पर कार्रवाई लोकतांत्रिक मूल्यों के विपरीत है। पूर्व विधानसभा प्रत्याशी डॉ. राकेश मिश्र ‘मंगला गुरु’ और जिला उपाध्यक्ष लाल प्रकाश पाल ने भी राहुल गांधी को हिरासत में लिए जाने की आलोचना करते हुए इसे संविधान और लोकतांत्रिक परंपराओं के खिलाफ बताया।
प्रदर्शन के दौरान कांग्रेस नेताओं ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग की। वक्ताओं ने आरोप लगाया कि सरकार बेरोजगारी, भ्रष्टाचार और पेपर लीक जैसी समस्याओं पर प्रभावी नियंत्रण करने में विफल रही है।
कांग्रेस नेताओं ने यह भी दावा किया कि जिला कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष डॉ. प्रमोद कुमार सिंह को उनके सुजानगंज स्थित आवास पर पुलिस ने अन्य पदाधिकारियों के साथ नजरबंद कर दिया। इसके अलावा शहर अध्यक्ष आरिफ खान, सभासद शहनवाज मंजूर, जिला उपाध्यक्ष एवं संगठन प्रभारी राकेश मिश्रा, रामसिंह बांकुरे, ओमकार यादव तथा मोहम्मद सैफ सहित कई नेताओं को भी घरों से बाहर नहीं निकलने दिया गया।
सत्याग्रह में प्रदेश सचिव पंकज सोनकर, किसान कांग्रेस के राष्ट्रीय समन्वयक डॉ. रामचंद्र पांडेय, जिला उपाध्यक्ष राकेश सिंह ‘डब्बू’, संजय माली, अनिल दूबे ‘आजाद’, फैयाज हाशमी, अनिल सोनकर, तौफीक अहमद तथा बड़ी संख्या में कांग्रेस कार्यकर्ता उपस्थित रहे।
