गोरखपुर
चोरी-लूट के दो शातिर अपराधियों पर गैंगस्टर एक्ट की कार्रवाई
शाहपुर पुलिस ने पंचम गौड़ गिरोह के सरगना समेत दो पर दर्ज किया मुकदमा, 28 आपराधिक मामले हैं दर्ज
संगठित अपराध पर शिकंजा, जिला मजिस्ट्रेट की स्वीकृति के बाद हुई कार्रवाई
गोरखपुर। संगठित अपराधों पर प्रभावी अंकुश लगाने के अभियान के तहत शाहपुर पुलिस ने चोरी, नकबजनी और लूट की वारदातों में संलिप्त दो शातिर अपराधियों के विरुद्ध उत्तर प्रदेश गैंगस्टर एक्ट के तहत कार्रवाई की है। पुलिस का कहना है कि दोनों आरोपी संगठित गिरोह बनाकर विभिन्न जनपदों में लगातार आपराधिक घटनाओं को अंजाम देते रहे हैं, जिससे आम लोगों में भय और असुरक्षा का माहौल बना हुआ था।
पुलिस अधीक्षक नगर के निर्देशन एवं क्षेत्राधिकारी गोरखनाथ के पर्यवेक्षण में थाना शाहपुर पुलिस ने गिरोह के सरगना पंचम गौड़ पुत्र नवनाथ गौड़ तथा उसके सहयोगी मुलायम गौड़ पुत्र नवनाथ गौड़, निवासी ग्राम सोपरी खुर्द, थाना गौरी बाजार, जनपद देवरिया के विरुद्ध गैंगस्टर एक्ट के तहत मुकदमा दर्ज किया है। इस संबंध में थाना शाहपुर पर मुकदमा अपराध संख्या 319/2026 धारा 2(ख)(I)(XI)/3(1) उत्तर प्रदेश गिरोहबंद एवं समाज विरोधी क्रियाकलाप (निवारण) अधिनियम, 1986 के तहत अभियोग पंजीकृत किया गया है।
पुलिस के अनुसार पंचम गौड़ गिरोह का सरगना है और अपने साथियों के साथ मिलकर सुनियोजित तरीके से चोरी, नकबजनी और लूट जैसी घटनाओं को अंजाम देता था। गिरोह की गतिविधियों से कानून-व्यवस्था प्रभावित हो रही थी। जिला मजिस्ट्रेट गोरखपुर की स्वीकृति के बाद गैंग चार्ट तैयार कर दोनों आरोपियों के खिलाफ गैंगस्टर एक्ट के तहत कार्रवाई की गई है, ताकि उनकी आपराधिक गतिविधियों पर प्रभावी रोक लगाई जा सके।
पुलिस अभिलेखों के मुताबिक दोनों आरोपियों का लंबा आपराधिक इतिहास है। इनके विरुद्ध गोरखपुर, महराजगंज और कुशीनगर के विभिन्न थानों में चोरी, नकबजनी, लूट, आर्म्स एक्ट तथा पूर्व में गैंगस्टर एक्ट सहित करीब 28 आपराधिक मुकदमे दर्ज हैं। इनमें कैम्पियरगंज, शाहपुर, गुलरिहा, खोराबार, रामगढ़ताल, पनियरा, फरेंदा, सोनौली, हाटा और कसया थानों के मामले शामिल हैं।
शाहपुर पुलिस ने कहा है कि संगठित अपराध में लिप्त गिरोहों के विरुद्ध अभियान आगे भी लगातार जारी रहेगा। कानून-व्यवस्था को प्रभावित करने वाले अपराधियों के खिलाफ कठोर कानूनी कार्रवाई कर उन्हें न्यायालय के समक्ष प्रस्तुत किया जाएगा, ताकि जिले में सुरक्षित और भयमुक्त वातावरण कायम रखा जा सके।
