वाराणसी
उत्तर प्रदेश की सब्जियों को मिलेगा वैश्विक बाजार, निर्यात बढ़ाने पर हुआ मंथन
शाहंशाहपुर स्थित सब्जी अनुसंधान संस्थान में निर्यातकों और एफपीओ की बैठक, वैज्ञानिक तकनीकों पर जोर
दो एमओयू पर हुए हस्ताक्षर, गुणवत्तापूर्ण उत्पादन और किसानों की आय बढ़ाने की बनेगी रणनीति
राजातालाब (वाराणसी)। उत्तर प्रदेश से सब्जियों के निर्यात को बढ़ावा देने और किसानों को वैश्विक बाजार से जोड़ने की दिशा में गुरुवार को शाहंशाहपुर स्थित भारतीय सब्जी अनुसंधान संस्थान में महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। उद्यान एवं खाद्य प्रसंस्करण निदेशालय, उत्तर प्रदेश द्वारा संचालित एकीकृत बागवानी विकास मिशन (एमआईडीएच) परियोजना के अंतर्गत “प्रौद्योगिकी प्रदर्शन के माध्यम से उत्तर प्रदेश से सब्जियों के निर्यात को बढ़ावा” विषय पर सब्जी निर्यातकों और किसान उत्पादक संगठनों (एफपीओ) के प्रतिनिधियों ने विचार-विमर्श किया।
बैठक का उद्देश्य प्रदेश के सब्जी उत्पादकों, एफपीओ, निर्यातकों और संबंधित विभागों के बीच बेहतर समन्वय स्थापित करना था, ताकि वैज्ञानिक तकनीकों के माध्यम से गुणवत्तापूर्ण उत्पादन को बढ़ावा दिया जा सके और उत्तर प्रदेश की सब्जियों को अंतरराष्ट्रीय बाजारों तक पहुंचाने के लिए प्रभावी रणनीति तैयार की जा सके।
कार्यक्रम में आईसीएआर-भारतीय सब्जी अनुसंधान संस्थान, वाराणसी के निदेशक डॉ. राजेश कुमार ने कहा कि उत्तर प्रदेश में सब्जी उत्पादन की अपार संभावनाएं हैं। वैज्ञानिक उत्पादन तकनीक, गुणवत्ता मानक, मूल्य संवर्धन और मजबूत आपूर्ति श्रृंखला के माध्यम से प्रदेश को देश का प्रमुख सब्जी निर्यातक बनाया जा सकता है।
उन्होंने कहा कि संस्थान किसानों, किसान उत्पादक संगठनों और निर्यातकों को आधुनिक तकनीकी मार्गदर्शन, गुणवत्तायुक्त बीज, प्रशिक्षण और वैज्ञानिक सहयोग उपलब्ध कराने के लिए लगातार प्रयास कर रहा है। उन्होंने विश्वास जताया कि संस्थान, एफपीओ और निर्यातकों के बीच बनी साझेदारी से सब्जी निर्यात को नई गति मिलेगी और किसानों की आय में वृद्धि होगी।
बैठक में कृषि विपणन एवं कृषि विदेश व्यापार विभाग, एपीडा तथा निर्यात निरीक्षण परिषद के प्रतिनिधियों ने निर्यात से जुड़ी सरकारी योजनाओं, गुणवत्ता मानकों, प्रमाणन प्रक्रिया, पैकेजिंग, कोल्ड चेन व्यवस्था और अंतरराष्ट्रीय बाजार की आवश्यकताओं के बारे में विस्तार से जानकारी दी।
इस दौरान सब्जी निर्यातकों और किसान उत्पादक संगठनों के प्रतिनिधियों ने अपने अनुभव साझा किए तथा निर्यात क्षेत्र में उपलब्ध संभावनाओं और चुनौतियों पर चर्चा की।
कार्यक्रम के दौरान दो महत्वपूर्ण समझौता ज्ञापनों (एमओयू) पर हस्ताक्षर किए गए। पहला समझौता भारतीय सब्जी अनुसंधान संस्थान, वाराणसी और प्रगतिशील अराजीलाइन किसान उत्पादक कंपनी लिमिटेड के बीच हुआ, जिसमें तकनीकी मार्गदर्शन, क्षमता निर्माण, वैज्ञानिक परामर्श और निर्यातोन्मुख सब्जी उत्पादन को बढ़ावा देने का लक्ष्य रखा गया।
दूसरा एमओयू प्रगतिशील अराजीलाइन किसान उत्पादक कंपनी लिमिटेड और पीएसपीजी एक्सपोर्ट कंसल्टेंसी, गाजियाबाद के बीच हुआ, जिसके माध्यम से सब्जियों के निर्यात, बाजार संपर्क, विपणन सहयोग और वैश्विक बाजारों तक पहुंच बनाने में सहायता मिलेगी।
कार्यक्रम में संस्थान के वैज्ञानिक डॉ. नीरज सिंह, डॉ. डी.पी. सिंह, डॉ. सुदर्शन मौर्य, डॉ. इन्दीवर प्रसाद, डॉ. प्रदीप कर्मकार और डॉ. राकेश कुमार दुबे सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी, सब्जी निर्यातक, एफपीओ प्रतिनिधि और प्रगतिशील किसान मौजूद रहे।
