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गोरखपुर

चार करोड़ की लागत से बना फायर सब-स्टेशन भवन एक वर्ष से हैंडओवर का इंतजार

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निर्माण पूरा, लेकिन अधूरे कार्यों के कारण 779 गांव अब भी अग्निशमन सुविधा से वंचित

गोरखपुर। खजनी तहसील में लगभग चार करोड़ रुपये की लागत से निर्मित फायर सब-स्टेशन भवन तैयार होने के बावजूद पिछले एक वर्ष से विभाग को हैंडओवर नहीं हो सका है। इसके चलते खजनी तहसील सहित आसपास के कुल 779 गांवों के लोगों को अग्निशमन सेवाओं का लाभ नहीं मिल पा रहा है।

प्रदेश सरकार ने खजनी, बेलघाट ब्लॉक तथा उरुवा, सहजनवां और बांसगांव ब्लॉक के आंशिक क्षेत्रों को आगजनी की घटनाओं से त्वरित राहत उपलब्ध कराने के उद्देश्य से इस अग्निशमन केंद्र की स्वीकृति दी थी। पीड़ियां माल्हनपार में वर्ष 2021-22 में भवन निर्माण कार्य शुरू हुआ और दिसंबर 2023 तक भवन लगभग तैयार हो गया। हालांकि परिसर में समतलीकरण और अन्य निर्माण कार्य अधूरे रहने के कारण भवन का हस्तांतरण अब तक नहीं हो सका है।

क्षेत्र में गर्मी के मौसम और फसल कटाई के दौरान आग लगने की घटनाएं अक्सर होती रहती हैं। फायर स्टेशन संचालित न होने के कारण अग्निशमन वाहनों को दूर से पहुंचना पड़ता है, जिससे कई बार आग पर समय रहते काबू नहीं पाया जा सकता और लोगों को भारी नुकसान उठाना पड़ता है।

फायर सब-स्टेशन परिसर में कर्मचारियों के लिए 26 आवास भी बनाए गए हैं। यहां एक फायर स्टेशन ऑफिसर, एक सेकेंड फायर ऑफिसर, दो लीडिंग फायरमैन, दो चालक, 16 फायरमैन, दो अनुचर और एक सफाईकर्मी के पद स्वीकृत हैं। इसके अलावा दो बड़े वाटर टैंकर, एक बोलेरो टेपर और एक जीप की भी व्यवस्था प्रस्तावित है, लेकिन भवन हैंडओवर न होने से पूरी योजना लंबित पड़ी है।

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मुख्य अग्निशमन अधिकारी संतोष कुमार राय ने बताया कि भवन का निर्माण लगभग पूरा हो चुका है, लेकिन टाइल्स, रंगाई-पुताई, सफाई और परिसर के समतलीकरण सहित कुछ कार्य अभी अधूरे हैं। इन कार्यों के पूरा होने के बाद ही भवन विभाग को हैंडओवर किया जा सकेगा। उन्होंने बताया कि शेष कार्य पूर्ण कराने की जिम्मेदारी कार्यदायी संस्था और संबंधित ठेकेदार की है।

वहीं, खजनी के उपजिलाधिकारी राजेश प्रताप सिंह ने कहा कि मामले से जिलाधिकारी को अवगत कराया जाएगा, ताकि आवश्यक कार्रवाई कर फायर सब-स्टेशन को जल्द शुरू कराया जा सके।

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