सोनभद्र
दुद्धी में सरकारी जमीनों पर अवैध कब्जे का आरोप, भाजपा जिलाध्यक्ष से जांच की मांग
अधिवक्ता ने सौंपा शिकायती पत्र, तालाब, नहर और डूब क्षेत्र की भूमि पर हेरफेर का लगाया आरोप
दुद्धी (सोनभद्र)। दुद्धी तहसील क्षेत्र में सरकारी जमीनों, तालाबों, नहरों और जलमग्न (डूब) क्षेत्रों की भूमि पर कथित अवैध कब्जे और नामांतरण को लेकर विवाद गहराता जा रहा है। वरिष्ठ अधिवक्ता जितेंद्र श्रीवास्तव ने भाजपा के जिलाध्यक्ष को पत्र सौंपकर पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कर कार्रवाई की मांग की है।
सर्वे सेटलमेंट में अनियमितता का आरोप
शिकायती पत्र में आरोप लगाया गया है कि बीते एक वर्ष से अधिक समय से भूमि अभिलेखों में हेरफेर का खेल चल रहा है। शिकायतकर्ता के अनुसार जलमग्न एवं बंजर भूमि, जहां पहले अन्य व्यक्तियों का कब्जा दर्ज था, वहां सर्वे सेटलमेंट के दौरान कथित रूप से नियमों की अनदेखी कर नए नाम दर्ज कर दिए गए। कुछ लोगों के नाम भूमिधरी के रूप में दर्ज किए जाने पर भी सवाल उठाए गए हैं।

चेयरमैन पर निजी लाभ के लिए सौंदर्यीकरण कराने का आरोप
पत्र में नगर पंचायत अध्यक्ष कमलेश मोहन पर भी आरोप लगाए गए हैं। शिकायतकर्ता का कहना है कि विवादित क्षेत्र के समीप उनकी निजी भूमि स्थित है और उसी के मूल्य में वृद्धि के उद्देश्य से सरकारी अथवा जलमग्न क्षेत्र के सौंदर्यीकरण पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। हालांकि इन आरोपों पर संबंधित पक्ष की प्रतिक्रिया नहीं मिल सकी है।
बार एसोसिएशन ने भी जताई आपत्ति
मामले को लेकर दुद्धी बार एसोसिएशन के अधिवक्ताओं में भी नाराजगी बताई जा रही है। शिकायतकर्ता के अनुसार इस संबंध में पूर्व में तहसील दिवस के दौरान उपजिलाधिकारी और जिलाधिकारी को भी ज्ञापन सौंपा जा चुका है।
तालाब, नहर और अन्य सरकारी भूमि पर भी उठे सवाल
शिकायत में शिवाजी महाराज तालाब, नहर एवं बंजर भूमि के अभिलेखों में कथित बदलाव का भी उल्लेख किया गया है। आरोप है कि कुछ व्यक्तियों ने सर्वे सेटलमेंट प्रक्रिया के माध्यम से सरकारी भूमि पर अपना नाम दर्ज करा लिया है।
निष्पक्ष जांच की मांग
अधिवक्ता जितेंद्र श्रीवास्तव ने भाजपा जिलाध्यक्ष से पूरे मामले की जमीनी और तकनीकी जांच कराने की मांग करते हुए कहा है कि बढ़ती आबादी के बीच सरकारी संपत्तियों, तालाबों, नहरों और सार्वजनिक भूमि की सुरक्षा आवश्यक है। उन्होंने प्रशासन से भी मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषियों के विरुद्ध कार्रवाई सुनिश्चित करने की मांग की है।
