वाराणसी
केआईटी में ‘काशी इनक्यूबेशन सेंटर’ का शुभारंभ
बीएचयू कुलपति प्रो. अजीत कुमार चतुर्वेदी ने किया उद्घाटन, युवाओं के स्टार्टअप को मिलेगा मार्गदर्शन
बीएचयू के एआईसी और केआईटी की संयुक्त पहल, पूर्वांचल में नवाचार व उद्यमिता को मिलेगी नई दिशा
मिर्जामुराद (वाराणसी)। काशी इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी (केआईटी), मिर्जामुराद परिसर में गुरुवार शाम ‘काशी इनक्यूबेशन सेंटर’ का भव्य शुभारंभ हुआ। इसका उद्घाटन बीएचयू के कुलपति प्रो. अजीत कुमार चतुर्वेदी ने दीप प्रज्वलित कर किया। यह सेंटर काशी इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी और अटल इनक्यूबेशन सेंटर- महामना फाउंडेशन फॉर इनोवेशन एंड एंटरप्रेन्योरशिप, बीएचयू की संयुक्त सहभागिता से स्थापित किया गया है।
नवाचार को स्टार्टअप में बदलने का मिलेगा मंच
मुख्य अतिथि प्रो. अजीत कुमार चतुर्वेदी ने कहा कि वर्तमान समय नवाचार और उद्यमिता विकास का है। ‘काशी इनक्यूबेशन सेंटर’ युवाओं के नए और मौलिक विचारों को धरातल पर उतारकर सफल स्टार्टअप में बदलने का सशक्त माध्यम बनेगा। बीएचयू और केआईटी की यह पहल पूर्वांचल के युवाओं के लिए नई संभावनाओं के द्वार खोलेगी।

आइडिया से बाजार तक मिलेगा मार्गदर्शन
आईएमएस, बीएचयू के निदेशक डॉ. आशीष वाजपेयी ने कहा कि तकनीकी विचारों को सफल व्यावसायिक मॉडल में बदलने के लिए उचित प्रबंधन और मार्गदर्शन जरूरी है। सेंटर युवाओं को आइडिया तैयार करने से लेकर बाजार तक पहुंचाने में मदद करेगा।
अटल इनक्यूबेशन सेंटर, बीएचयू के निदेशक प्रो. पी.वी. राजीव ने कहा कि केआईटी और एआईसी-बीएचयू की सहभागिता पूर्वांचल के इनोवेशन इकोसिस्टम को नई ऊंचाई देगी। विद्यार्थियों को मेंटरशिप, तकनीकी संसाधन और नेटवर्किंग की सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएंगी।
‘जॉब सीकर नहीं, जॉब क्रिएटर बनेंगे युवा’
केआईटी के वाइस चेयरमैन विपुल जैन ने कहा कि संस्थान का उद्देश्य विद्यार्थियों को केवल पारंपरिक शिक्षा देना नहीं, बल्कि उन्हें ‘जॉब सीकर’ के बजाय ‘जॉब क्रिएटर’ बनाना है। सेंटर के माध्यम से युवाओं को मार्गदर्शन, संसाधन और वित्तीय प्रोत्साहन देकर आत्मनिर्भर भारत के संकल्प को मजबूती मिलेगी।
प्रबंधन सदस्य वत्सल जैन ने कहा कि संस्थान की प्राथमिकता विद्यार्थियों को विश्वस्तरीय संसाधन और मार्गदर्शन उपलब्ध कराना है, ताकि वे देश-दुनिया के सामने नए और उपयोगी समाधान प्रस्तुत कर सकें।
कार्यक्रम में वाराणसी कैंटोनमेंट बोर्ड के सीईओ विशाल सारस्वत, संस्थान के निदेशक, डीन, विभागाध्यक्ष, संकाय सदस्य, कर्मचारी और बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं मौजूद रहे।
